श्रीगंगानगर. विधानसभा चुनाव इसी साल के अंत में होने हैं,सो राजनीतिक दलों ने अब टिकट के गंभीर दावेदारों के बारे में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्थान विधानसभा के चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं, सो सर्वे का आधार ऐसे उम्मीदवार की तलाश है जो जीत का सेहरा बांधे। सर्वे के मामले में भाजपा ज्यादा गंभीर है। राजस्थान में नतीजे गुजरात जैसे रहें, इसके लिए उसी टीम को यह काम सौंपा गया है, जिसने गुजरात में सर्वे किया था। इसके अलावा प्रांतीय टीम गोपनीय रूप से सर्वे कर रही है। यह टीम शहर के वार्डों से लेकर गांवों तक पहुंच रही है। टिकट के बंटवारे में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की रिपोर्ट की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है। उसकी रिपोर्ट अलग से जाएगी।
श्रीगंगानगर जिले की छह विधानसभा सीटों पर दो में कांग्रेस, एक निर्दलीय और तीन भाजपा विधायक हैं। जानकारों का कहना है कि प्रदेश में भाजपा की वापसी के लिए इस बार पूरी गंभीरता से प्रत्याशी का चयन होगा। भाजपा ने उन सीटों पर ज्यादा फोकस किया है जहां संगठन की भारी भरकम टीम होने के बावजूद पिछली बार पार्टी को पराजय का सामना करना पड़ा।
इस बार हार के वास्तविक कारणों का पता लगा कर ही प्रत्याशी का चयन किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के अलावा प्रत्याशी के चयन में सांसद और स्थानीय नेताओं से भी फीड बैक लिया जाएगा।
कांग्रेस ने भी जिले में अपना गुपचुप सर्वे शुरू कर दिया है। हालांकि संगठन स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन जिन दावेदारों को टिकट की उम्मीद है उन्हेांने अपने हिसाब से एनजीओ और बाहरी कंपनियों के माध्यम से सर्वे करवाना शुरू कर दिया है। कई लोगों ने जयपुर की बजाय दिल्ली पार्टी हाइकमान से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस का फोकस सूरतगढ़, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और श्रीकरणपुर विधानसभा पर। वहां संगठन के अलावा धरातल पर काम करने वालों की सूची तैयार की जा रही है।
जिले में श्रीगंगानगर और सादुलशहर विधानसभा पर भाजपा का ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। इन दोनों सीटों पर योग्य प्रत्याशियों के चयन के लिए भाजपा संगठन के अलावा आरएसएस और उनके कई संगठन भी वोटरों की नब्ज टटोल रहे है। श्रीगंगानगर में राजनीतिक भविष्य की लड़ाई लड़ रहे कई दिग्गज तो पाला बदलने की तैयारी कर रहे हैं।
पिछले दिनों प्रदेशाध्यक्ष डा. सतीश पूनियां ने अपने दौरे के दौरान सूरतगढ़ पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भाजपा में शामिल करने के बाद इसके संकेत भी दिए थे।
जिले में आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, माकपा का भी जनाधार है।
इस बीच, अनूपगढ और रायसिंहनगर क्षेत्र में माकपा का जनाधार है। यह जनाधार बढ़ाने के लिए माकपा ने भी अपने हिसाब से तैयारियां शुरू कर दी है। सूरतगढ़ के कई इलाकों में बसपा का जनाधार हैं। श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर और सादुलशहर में आरएलपी अपना वोट बैंक बनाने की तैयारी में हैं, वहीं आप ने भी श्रीकरणपुर क्षेत्र पर ज्यादा फोकस किया हैं। पंजाब में आप की सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी सिख बहुल श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र पर दांव खेल सकती है।