1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एटीएम तोडऩे की फिराक में पकड़े आरोपियों से खुल सकती हैं कई वारदात, इस तरीके से देने जा रहे थे बड़ी एटीएम लूट को अंजाम

www.patrika.com/rajasthan-news/

2 min read
Google source verification
ATM robbery Gang

ATM robbery Gang

श्रीगंगानगर ।

प्रदेश में एटीएम लूट की वारदातों इन दिनों बढ़ती ही जा रही हैं । श्रीगंगानगर के जवाहरनगर थाना पुलिस की ओर से मंगलवार आधी रात बाद इन्दिरा वाटिका के पास एटीएम तोडऩे की फिराक में पांच संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ में शहर में कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। इनसे पुलिस ने एटीएम तोडऩे के औजार व एक चाकू बरामद किया है।

यूं हुआ पूरा मामला...

जवाहरनगर थाना प्रभारी प्रशांत कौशिक ने बताया कि मंगलवार रात करीब ढाई बजे इन्दिरा वाटिका के समीप एसआई विक्रम तिवाड़ी, हैडकांस्टेबल केशव, सिपाही भगवान सहाय व संजीव गश्त में थे। जहां इन्दिरा वाटिका के समीप उनको पांच युवक संदिग्ध अवस्था में मिले। पुलिस को देखकर छिपने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनको दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने एटीएम तोडऩे की फिराक में होना बताया।

पुलिस ने इस मामले में शिव कॉलोनी निवासी साहिल उर्फ विक्की पुत्र विनोद कुमार, वार्ड नंबर एक निवासी अविनाश पत्र मंगूराम, दरभंगा बिहार निवासी संदीपदास पुत्र सुरेश दास, गुरुनानक बस्ती निवासी असलम पुत्र मोहम्मद ईदू व अशोक नगर बी निवासी कृष्ण स्वामी उर्फ गोलू पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास एक हथौड़ा, सब्बल, चाकू आदि औजार बरामद किए गए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में जिले में हुई एटीएम तोडऩे की वारदातों सहित अन्य चोरियों व लूट मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।

टेम्पो लेकर गए थे एटीएम तोडऩे

पांचों आरोपी मंगलवार की रात को बारह बजे बाद श्रीगंगानगर से किराए पर एक टेम्पो लेकर लालगढ़ जाटान गए थे, जहां उन्होंने देना बैंक के एटीएम का षड्यंत्र रचा लेकिन जैसे ही वे एटीएम के पास पहुंचे, तो वहां एक गार्ड व उसके कुछ साथी बैठे दिखाई दिए। पांचों जने टेम्पो में बैठकर वापस आ गए और रीको एरिया में रुक गए। यहां भी एटीएम पर गार्ड बैठा था और पुलिस की जीप गश्त कर रही थी। आरोपियों ने वापस श्रीगंगानगर आकर टेम्पो छोड़ दिया और राजकीय चिकित्सालय के सामने एटीएम तोडऩे का षडय़ंत्र रचने लगे। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंच गई।


असलम है गिरोह का सरगना

एटीएम तोडऩे वाले इस गिरोह का सरगना असलम है, जो किसी चूड़ा फैक्ट्री में काम करता है। संदीपदास नेहरू पार्क के पास कुलचे बेचता है। इसके अन्य साथी भी इधर-उधर छोटा-मोटा काम करते हैं। असलम ही गिरोह के अन्य सदस्यों को बुलाता था और उनको कहां वारदात करनी है। इसकी जानकारी देता था और वहां ले जाकर वारदात करते थे।


सबके पास अलग-अलग काम

गिरोह के आरोपी जब एटीएम तोडऩे के लिए जाते हैं तो उनमें से प्रत्येक को अलग-अलग कार्य सौंपे जाते है। एक जना एटीएम के बाहर निगरानी करेगा, दूसरा सीसीटीवी कैमरे पर कपड़ा डालेगा। एक हथौड़े से व एक अन्य सब्बल से एटीएम को तोड़ेंगा। यदि गार्ड है तो एक जना चाकू की नोक पर गार्ड को काबू करेगा।

Story Loader