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बॉर्डर की रक्षा को अब जवानों के साथ ‘कोबरा’ कवच

-मई में शुरू हो जाएगा काम
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 21 Apr 2018, 11:56 AM IST

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श्रीगंगानगर.

सीमा सुरक्षा बल के राजस्थान फ्रंटियर में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई तारबंदी को राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए अभेद्य बनाने के लिए पंजाब की तर्ज पर कोबरा वायर का कवच देने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा।


यह काम होने के बाद बॉर्डर की रक्षा करने में जवानों के साथ कोबरा वायर भी कड़ी बन जाएगी। अभी श्रीगंगानगर और जैसलमेर सेक्टर की लगभग दो दर्जन सीमा चौकियों के इलाके में तारबंदी के साथ कोबरा वायर बिछाने का काम होगा। इसके बाद राजस्थान फ्रंटियर में 1040 किलोमीटर लंबी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी को कोबरा वायर का कवच देने की योजना है।


श्रीगंगानगर सेक्टर में अभी दस सीमा चौकियों के इलाके को कोबरा वायर का कवच मिलेगा। इस काम के लिए श्रीगंगानगर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल के उप महानिरीक्षक ने निविदाएं आमंत्रित की है। कोबरा वायर के लिए जिन दस सीमा चौकियों का चयन किया गया है, वह काफी संवेदनशील हैं। पिछले दो-तीन सालों में वहां पंजाब और पाकिस्तान के ड्रग माफिया की गतिविधियां पकड़ में आई हैं। इस काम पर करीब तीस लाख रुपए व्यय होंगे।


इन सीमा चौकियों का चयन
कोबरा वायर का कवच प्रदान करने के लिए श्रीगंगानगर सेक्टर में 3 एफसी, 63 एफ, 5 एफडी, रेणुका, कंचनपुर, मदनलाल, फरीदसर, पृथ्वीसर, त्रिशूल तथा 41 पीएस सीमा चौकियों का चयन किया गया है। इन सीमा चौकियों के इलाके में तारबंदी के साथ कोबरा वायर स्थापित करने का काम साठ दिन में पूरा करना होगा। इस कार्य की निविदाएं 27 अप्रेल को खुलेगी और उसी दिन संबंधित ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी कर दिया जाएगा।


कोबरा से भी खतरनाक
सीमा सुरक्ष बल के सूत्रों ने बताया कि तारबंदी के साथ बिछाई जाने वाली कोबरा वायर में हर समय 440 वोल्टेज का करंट प्रवाहित होगा। घुसपैठ का प्रयास करने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए यह कोबरा के दंश जैसा काम करेगा। कोबरा वायर को काटने का प्रयास हुआ तो अलॉर्म बजने लगेगा और सीमा की सुरक्षा में लगे जवान तुरंत उस जगह पर पहुंच कर कोबरा वायर को काटने वाले को घेर कर काबू कर लेंगे।


पंजाब की तर्ज पर
राजस्थान फ्रंटियर में सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक अनिल पालीवाल पहले पंजाब फ्रंटियर में थे। वहां बॉर्डर पर राष्ट्रविरोधी तत्वों विशेषकर ड्रग माफिया की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पालीवाल ने ही तारबंदी के साथ कोबरा वायर लगाने का काम करवाया था। राजस्थान में नियुक्ति के बाद उन्होंने यहां पर भी कोबरा वायर लगाने का प्रस्ताव महानिदेशक को भेजा जो स्वीकृत हो गया और अब इस पर काम भी शुरू होने जा रहा है।

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