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ढह गया आ​शियाना, दीवार गिरी और उड गई छत

The house collapsed, the wall fell and the roof blew away- शहर के गडढा क्षेत्र में कई मकानों को हुआ नुकसान, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया

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ढह गया आ​शियाना, दीवार गिरी और उड गई छत

ढह गया आ​शियाना, दीवार गिरी और उड गई छत

श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी के वार्ड पांच की कृष्णा देवी की घर की छत बरसात पानी को झेल नहीं पाई। सोमवार को जैसे जैसे धूप तेज हुई तो दीवारों में से दरारें आकर छत गिर गई। इसी वार्ड में शांति देवी के घर का फर्श भी धंस चुका है। वहीं कमला के घर की दीवार भी इस बरसात को सहन नहीं कर पाई। सोमवार को इस इलाके में अधिकांश घरों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान को देख जा रहा है। पार्षद बलजीत बेदी के अनुसार नगर परिषद प्रशासन से सर्वे कराने की मांग की गई है। इधर,संयुक्त व्यापार मण्डल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता के नेतृत्व में शिष्टमण्डल ने जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर श्रीगंगानगर शहर में भारी बरसात से आमजन व व्यापारियों को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
अध्यक्ष गुप्ता ने बताया कि शहर में गत दिवस हुई भारी बरसात से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। श्रीगंगानगर शहर व आसपास के क्षेत्रों में घरों व दुकानों में बरसात का पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है। बाजार क्षेत्र सदर बाजार, स्वामी दयानंद मार्ग, प्रताप मार्केट, रविन्द्र पथ, ब्लॉक एरिया, गौशाला रोड, उदाराम चौक, पुरानी आबादी, दुर्गा मंदिर मार्केट आदि क्षेत्रों में हजारों व्यापारियों का करोड़ों रूपये का नुकसान हो गया है। लोगों के मकान तक गिर गए हैं। व्यापारियों की दुकानें टूट गई हैं तथा दुकान के अंदर पानी जाने से पूरा का पूरा माल भीगने से खराब हो गया है। आज की महंगाई के दौर में हुए इस भारी नुकसान व्यापारी व आमजन सदमे में हैं। क्योंकि उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है। शहर में बरसात के पानी की स्थाई निकासी नहीं होने के कारण व्यापारियों व आमजन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
संयुक्त व्यापार मण्डल पदाधिकारियों ने कहा कि नालों की सफाई नहीं होने के कारण नालियों का गंदा पानी घरों व दुकानों में भर गया है। इससे मलेरिया, डेंगू सहित अनेक महामारियां फैलने की आशंका बन गई है। व्यापारी तो करोड़ों रूपये का टैक्स इक्टठा करके सरकार को देते हैं। लेकिन इस मुसीबत की घड़ी में राज्य सरकार का नैतिक दायित्व बनता है कि व्यापारी वर्ग व आमजन को आर्थिक सहयोग करें ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।

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