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श्रीगंगानगर.
शहर के बाजारों मेें यदि किसी महिला हो या पुरुष की कार का एक टायर भी गलती से सड़क पर सफेद पट्टी से बाहर रह जाता है तो ट्रेफिक पुलिस क्रेन से उसकी कार उठाकर थाने ले जाती है और उस पर चालान व जुर्माना लगाया जाता है। कार चालक यदि कोई महिला है तो उसकी परेशानी के क्या कहने। लेकिन ट्रेफिक पुलिस को शहर के गांधी चौक पर सड़क के बीच खड़ी नीली बत्ती लगी निजी कार दिखाई नहीं देती है। लोगों ने ट्रेफिककर्मियों को इस कार के बारे में बताया भी था लेकिन ट्रेफिककर्मी यह कहकर चले गए कि यह कार तो साहब की है।
लोगों ने बताया कि नागौर के डेगाना के सीओ अंतरसिंह श्योराण मंगलवार को परिवार सहित यहां आए थे और उन्होंने गोल बाजार में खरीदारी की। इस दौरान उनकी निजी नंबरों की कार गांधी चौक पर सड़क पर खड़ी थी। इस कार पर नीली बत्ती लगी हुई थी। निजी कार पर निजी बत्ती लगी होने व सड़क पर कार खड़ी होने पर लोगों ने इस मामले की जानकारी वहां तैनात ट्रेफिक पुलिसकर्मियों को दी।
ट्रेफिक पुलिसकर्मी यह कहकर चले गए कि यह तो साहब की गाड़ी है। लोगों ने बताया कि सीओ के साथ पुरानी आबादी थाने का एक पुलिसकर्मी भी साथ था। लोगों का कहना है कि एक तरफ तो ट्रेफिक पुलिस सड़क पर सफेद पट्टी के बाहर खड़ी कारों को के्रन से उठाकर ले जाती है, जबकि इस कार को ट्रेफिक पुलिसकर्मियों ने साइड में लगवाने की भी नहीं कहा। लोगों ने बताया कि इसी दौरान यहां से एक पुलिस जीप हूटर बजाती हुई निकली थी।
सीओ स्तर के अधिकारी नीली बत्ती लगा सकते है। कई बार विशेष कार्य के लिए पुलिस अधिकारी कार भी इस्तेमाल करते हैं, जिस की नंबर प्लेट पर लालपट्टी नहीं होती है लेकिन ट्रेफिक सुविधा के लिए नीली बत्ती लगा सकते हैं। यहां बाजार में सीओ की कार आने के बारे में उनको जानकारी नहीं है।
कुलदीप चारण, यातायात प्रभारी श्रीगंगानगर
Published on:
05 Jun 2018 08:49 pm

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