किसान और व्यापारियों की समस्या बना, आवारा जानवरों ने बना रखा स्थाई शरणस्थली
केसरीसिंहपुर। कस्बे की धानमंडी के बीच खाली पड़ा भूखंड व्यापारियों व किसानों के लिए बड़ी परेशानी साबित हो रहा है। तह बाजारी व धानमंडी के बीचों-बीच रिक्त पड़े बेसकीमती भूखंड पर वर्षों पूर्व नगरपालिका कार्यालय संचालित होता था लेकिन विगत बोर्ड के कार्यकाल में इसे तुड़वा तो दिया परंतु यहां क्या बनना चाहिए अभी तक नया बोर्ड भी तय नहीं कर पाया। जगह खाली होने के कारण लोग बेरोकटोक यहां कचरा डाल रहे हं। दिन भर यह शौचालय के रूप में उपयोग होने लगा है।
वहीं आवारा जानवरों ने तो इसे अपनी स्थाई शरणस्थली बना रखा है। इसका स्थाई हल नहीं निकलने से वर्तमान में पालिका व मंडी समिति दोनों के लिए यह रिक्त भूखंड परेशानी का सबब बन हुआ है। खाली होने के कारण यहां आवारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। काफी संख्या में बैठे रहने वाले पशु यहां धानमंडी में आने वाली जिंसों को नकसान पहुचाते हैं। मंडी समिति की ओर से इसकी तारबंदी भी करवाई गई लेकिन फिर भी न तो पशुओं की संख्या कम हुई और न ही लोगों को इस समस्या से छुटकारा मिला।
यही नहीं आस-पास मुख्य बाजार की दुकानें होने से पूरे दिन दुकानदार भी सड़ांध और बदबू से परेशान है। ये प्रस्ताव नहीं चढ़े सिरे बताया जाता है कि इसका भूखंड का स्थाई समाधान नहीं निकलने के पीछे का मुख्य कारण इसका अधिक कीमती होना है। पूर्व नगरपालिका बोर्ड इस स्थान पर कॉमन शौचालय व शॉपिंग कांप्लेक्स आदि बनाना चाहता था लेकिन वे प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाए। वर्तमान बोर्ड इस बेशकीमती भूखंड को बेचकर प्राप्त राशि से अन्य कोई कार्य करवाने की जुगत में है। शहर के बीचों-बीच इस कीमती जमीन को लेकर कई तरह की अटकलें ही लगाई जा रही हैं लेकिन समाधान कुछ भी नहीं निकाला जा रहा है।
ऐसे में व्यापारियों और किसानों को इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है। ये बोले जिम्मेदार इसे लेकर मंडी समिति की ओर से पालिका को इस बारे में कई बार अवगत करवाया गया है। स्थाई समाधान के लिए इसकी चारदीवारी बनाने का पत्र भेजा है। दिनेश शर्मा , सचिव, मंडी समिति, केसरीसिंहपुर भूखंड का स्थाई समाधान शीघ्र ही निकाला जाएगा। लोगों की समस्या जायज है। समस्या को ध्यान में रखते हुए मौके पर वेकाल्पिक व्यवस्था करवाई जा रही है।