- जीएसटी कब होगा चंगा, अभी भी पंगा
श्रीगंगानगर। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) अभी भी पंगा (मुश्किल) है, यह कब चंगा (अच्छा) साबित होगा? कुछ इसी तरह के सवाल जीएसटी से जुड़े कई अफसरों ने गुरुवार को यहां अपनी अनौपचारिक बातचीत में किए। मौका था विभाग की ओर से रखे एक दिवसीय प्रशिक्षण का। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक राष्ट्रीय कला मन्दिर के सभागार में चली इस क्लास में उन्होंने सवालों की झड़ी लगा दी। मास्टर ट्रेनरों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की।
संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) चन्द्रप्रकाश मीणा, उपायुक्त निहालचंद बिश्नोई, मास्टर ट्रेनर सहायक आयुक्त रामकुमार, राज्य कर अधिकारी संजय अरोड़ा, ललित पारीक एवं भीमसिंह जांगिड़ ने प्रशिक्षण दिया। श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिले के अधिकारी रिटर्न, रिफंड, ई-वे बिल, रोड चेकिंग, कर चोरी आदि से जुड़े कई सवाल पहले से तैयार कर लाए थे, कुछ नए सवाल नवीन शंकाओं के संबंध में पूछे।
बदलाव पर बदलाव से परेशानी
कई अधिकारियों ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जीएसटी नया होने के कारण पहले ही जटिल लग रहा है ऊपर से प्रावधानों में बदलाव पर बदलाव परेशानी का कारण बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक संशोधन तो बुधवार रात को ही आया है। अधिकारी कुछ समझने की कोशिश करते हैं, उससे पहले कोई नई अधिसूचना या बदलाव आ जाता है। इनके अनुसार जीएसटी नया होने के कारण ऐसा होना बड़ी बात भी नहीं है, कुछ समय बाद सब सामान्य हो जाएगा।
'सबके लिए है अच्छा
संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) चन्द्रप्रकाश मीणा के अनुसार जीएसटी सबके लिए अच्छा है। इससे काम व्यवस्थित एवं पारदर्शी हुआ है। नियमानुसार काम करने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है, कर चोरी पर अंकुश लगा है। अब बैंकों में कर जमा करवाने के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। व्यवहारियों को घोषणा पत्रों से भी मुक्ति मिली है। मीणा के अनुसार जीएसटी संबंधी जागरुकता का प्रयास जारी है। व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों, कर सलाहकारों, सीए आदि को भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।