
demo pic
- रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक
श्रीगंगानगर.
गंगनहर रेग्यूलेशन कमेटी की बैठक बुधवार को जल संसाधन विभाग के विश्राम गृह में हुई। इसमें बुधवार सुबह आरडी 45 पर अचानक घटकर 700 क्यूसेक हुए पानी को लेकर चिंता जताई गई। गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन शमीर सिंह बराड़ ने बताया कि पानी के अचानक घटने का कारण आंधी-तूफान हो सकता है।
घटा हुआ पानी शाम तक फिर से बढऩा शुरू हो गया है। हमारी नहरों में इसका असर गुरुवार सुबह तक आ सकता है। घटा हुआ पानी अधिक समय तक रहता है तो प्राथमिकता में चल रही जीजी नहर बंद हो जाएगी। आरबी पर असर पड़ेगा। सिर्फ करणीजी और समेजा नहरें ही चलती रह पाएगी।
एक ही वार को नहरें खुलने की शिकायत
बैठक के दौरान एलएनपी नहर के किसानों ने एक ही वार को नहर खुलने की शिकायत की। किसानों का कहना था कि सिंचाई बारियां लगातार पिट रही है, नरमा की बिजाई नहीं हो पाई। बैठक में आए अन्य नहरों के किसानों ने भी पानी बढ़ाने की मांग रखी। अधिकारियों ने कहा कि पंजाब से पानी बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही है शीघ्र ही समाधान हो जाएगा।
पानी नहीं बढ़ा तो खाली रह जाएगा रकबा
गंगकैनाल के प्रोजेक्ट चेयरमैन शमीर सिंह बराड़ का कहना है कि अगर पंजाब से पानी नहीं बढ़ता है तो नरमा के बाद अब किसान ग्वार की बिजाई से भी वंचित रह सकते हैं। अगर इतना ही पानी चलता रहा तो जिले का 80 प्रतिशत रकबा बिना बिजाई के खाली रह जाएगा। बैठक में महावीर गोदारा समेजा, हरविंद्र सिंह एफ, परविंद्र सिंह एच, तरसेम सिंह करणीजी, अमतेंद्र सिंह जीजी, जसमत सिंह एमएलए, किसान संघर्ष समिति के तेज कुमार, एक्सईएन साउथ धीरज चावला, एक्सईएन रेग्यूलेशन सुरेश सुथार, एईएन रेग्यूलेशन हिमांशु आदि उपस्थित थे।
Published on:
06 Jun 2018 09:37 pm

बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
