
- कलक्टर ने जल संसाधन विभाग को दिए निर्देश
श्रीगंगानगर.
सीमावर्ती घड़साना क्षेत्र में 17 जलप्रदाय योजनाओं में पानी का भण्डारण खत्म हो जाने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। इसका सीधा असर लगभग 50 गांवों पर पड़ा है। इन गांवों के ग्रामीणों एवं मवेशियों के लिए अब पानी की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो गया है। जिला कलक्टर ज्ञानाराम के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने भी स्थिति गंभीर मानते हुए विभाग के कमिश्नर से दिशा निर्देश मांगे हैं।
घड़साना के उपखण्ड अधिकारी की ओर से कलक्टर को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि आरजेडी नहर की 13 और एसएलडी नहर की चार जलप्रदाय योजनाओं में दो दिन का पेयजल शेष है। इन योजनाओं पर पानी के भण्डारण की अविलम्ब व्यवस्था की जानी जरूरी है। इस पर कलक्टर ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता को तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इन्दिरा गांधी नहर परियोजना में दो मई तक नहर बंदी है। इसी के दृष्टिगत जलप्रदाय योजना के लिए पानी का भण्डारण किया गया था। इन जलप्रदाय योजनाओं में दस से बीस दिनों के लिए पानी का भण्डारण संभव है। जलदाय विभाग ने दो दिन बाद पानी की सप्लाई की, लेकिन अब स्थिति विकट हो गई है। इन जलप्रदाय योजनाओं के लिए कोई विकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ये सभी गांव नहरी पानी पर ही निर्भर है।
अनूपगढ़ क्षेत्र में आईजीएनपी की मैन कैनाल में पानी भंडारण के लिए पौंड बनाया हुआ है। इस पानी को ही आरजेडी और एसएलडी नहर में छोड़कर प्रभावित जलप्रदाय योजनाओं को राहत दी जा सकती है। इस संबंध में विभाग के कमिश्नर से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं।
- केएल जाखड़, मुख्य अभियंता, जल संसाधन उत्तर खंड, हनुमानगढ़
Published on:
17 Apr 2018 08:49 pm
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