
आखिरकार कहां गुम हो गए रेल सेवाओं के प्रस्ताव?
रेल सुविधाओं में विस्तार की दरकार
अनूपगढ़.
अनूपगढ़ रेल संघर्ष समिति तथा विभिन्न संगठनों द्वारा बार-बार रेल सेवाओं के विस्तार की मांग करने पर बीकानेर रेल मंडल कार्यालय से स्थानीय संगठनों को आश्वासन मिला कि भटिण्डा से अनूपगढ़, श्रीगंगानगर से अनूपगढ़ तथा अनूपगढ़ से हनुमानगढ़ तक नई रेल सेवा के प्रस्ताव बनाकर जीएम कार्यालय भिजवाए गए हैं। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति आने पर इन रेल सेवाओं को चलाया जाएगा। इस मामले में सांसद प्रतिनिधि रविशेखर ने बताया कि बीकानेर डीआरएम कार्यालय द्वारा बनाए गए प्रस्तावों की प्रगति जाननी चाही तो जीएम जयपुर कार्यालय में अनूपगढ़ क्षेत्र के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला, जबकि रेलवे विभाग द्वारा यह बात पूरे दावे के साथ कही जा रही है कि प्रस्ताव भेजे लगभग 6 माह हो चुके हैं।
ज्ञात रहे कुछ दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बीकानेर सांसद अर्जुन मेघवाल के पुत्र रविशेखर उनके प्रतिनिधि के रूप में अनूपगढ़ विधानसभा के लोगों की समस्याएं सुनने आए तो संस्थाओं के रोष का सामना उन्हें करना पड़ा। क्षेत्र की समस्याओं में खासकर रेल सेवाओं का विस्तार नहीं होना लोगों को अखर रहा है।
गौरतलब है कि अनूपगढ़ रेलवे स्टेशन बीकानेर रेल मंडल का एक महत्वपूर्ण स्टेशन होने के बावजूद रेल सुविधाओं के विस्तार एवं नई रेल सेवाओं की बाट जोह रहा है। अनूपगढ़ रेल संघर्ष समिति, अनूपगढ़ विकास सेवा समिति सहित अन्य व्यापारिक-सामाजिक संस्थाएं लगातार रेल सेवाओं के विस्तार के लिए मांग करती आ रही हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा रूचि नहीं लेने के कारण रेल सेवाओं का विस्तार नहीं हो पाया है।
पर्याप्त यात्री भार लेकिन फिर भी उपेक्षा
जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ रेलवे अधिकारी भी अनूपगढ़ की लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। अनूपगढ़ से सुबह साढ़े 10 बजे से लेकर शाम पौने 5 बजे तक ट्रैक खाली रहने के बावजूद रेल के फेरे नहीं बढ़ाए जा रहे हैं, जबकि अनूपगढ़ से प्रत्येक रेल सेवा में लक्ष्य से अधिक यात्री भार मिल रहा है तथा रेलवे को अच्छी आमदनी हो रही है। रेलवे विभाग के अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों की उदासीनता क्षेत्र की रेल सुविधाओं के विकास में रोड़ा बनी हुई है।
घड़साना-रावला को रेल की सीटी का इंतजार
अनूपगढ़ विधानसभा के अधिकतर क्षेत्र में रेल लाइन नहीं बिछी हुई हैं। घड़साना, रावला तथा पतरोड़ा सहित विधानसभा क्षेत्र के अन्य इलाके रेल की सीटी सुनने को तरस रहे हैं। उक्त कस्बों के नागरिकों ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि आजादी के लगभग 71 वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधा के लिए भी तरसना होगा। इस क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने के लिए कई बार सर्वे करवाया गया, लेकिन यह सर्वे कहां गुम हो गया, इसकी किसी को खबर नहीं है। ऐसा लगता है अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र को रेल सेवाएं मिलना एक दिव्य स्वप्न है,जो कि निकट भविष्य में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
अनूपगढ़ से रेल सेवाओं के विस्तार के लिए रेल संघर्ष समिति के लोग कई बार सांसद, रेल मंत्री तथा रेलवे अधिकारियों से मिल चुके है। बीकानेर डीआरएम कार्यालय से जानकारी मिली कि अनूपगढ़ के लिए तीन प्रस्ताव भेजे गए हैं। बीकानेर सांसद के केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद क्षेत्र में रेल सेवाओं का विकास नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। केन्द्रीय मंत्री के प्रतिनिधि के आह्वान पर एक बार फिर से उन्हें रेल सेवाओं की मांग से अवगत करवाया गया है।
गंगाविशन सेतिया, संरक्षक, रेल संघर्ष समिति, अनूपगढ़
Published on:
07 Aug 2018 08:40 am
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