
allahabad highcourt
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अवैध बूचड़खानों पर सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस मामले में यूपी की योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि अगर प्रदेश में बूचड़खाने अवैध हैं तो यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह वैध बूचड़खाने बनवाए। साथ 17 जुलाई तक वैध बूचड़खानों के लिए लाइसेंस जारी करने का आदेश भी दिया है।
अवैध बूचड़खाने से संबंधित 27 याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार किसी भी इंसान को मांसाहार खाने से रोक नहीं लगा सकती है। तो वहीं अदालत ने स्पष्ट आदेश में कहा कि नए लाइसेंस जारी होने तक और पुराने लाइसेंस रिन्यू होने तक प्रदेश में स्थित सभी बूचड़खाने बंद रहेंगे।
कोर्ट ने कहा कि जिन मीट कारोबारियों का लाइसेंस खत्म हो चुका है वे सभी लोग जिलाधिकारी कार्यालय और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट में आगामी 17 जुलाई तक लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। जहां राज्य सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट को लाइसेंस से जुड़ी जानकारी का ब्यौरा देगी।
गौरतलब है कि यपी सीएम बनने के कुछ ही दिनों बाद योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अवैध बूचड़खानों पर कार्यवाई करते हुए सभी को बंद करवा दिया था। जिसके बाद मीट कार कारोबारियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
Published on:
12 May 2017 07:07 pm
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