मैं सिणधरी चौराहा हूं। बाड़मेर जिला मुख्यालय का सबसे व्यस्त रहने वाला चौराहा।
बाड़मेर.
मेरे यहां से दस हजार के करीब वाहन और राहगीर प्रतिदिन गुजरते हैं। इनको इन दिनों देखता हूं तो मुझे गुस्सा, खीझ और दया आती है। खीझ इस बात पर कि मेरे चारों तरफ बनी जिन सड़कों को मेरी खूबसूरती बढ़ानी चाहिए उनमें इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं जैसे किसी ने पूरे शरीर पूरे को ही क्षत विक्षित कर दिया है। बारिश का पानी इन घावों में इतना नमक भर गया है कि तड़पती सी दिखती है। दया इस पर कि तड़प रही इन सड़कों पर हजारों वाहन और राहगीरों का चलना मजबूरी है क्योंकि उनके पास इसके सिवाय कोई और रास्ता भी नहीं। जब ये लोग यहां से गुजरते हैं तो खुद को बचाने का जतन करते हैं। बूढे़- बुजुर्ग मेरे सामने ही इन सड़कों और गड़्ढों में गिर पड़ते हैं। चोटिल होते हैं। महिलाएं और बच्चों को भी कई बार चोट खाकर रोते घर जाते मैं देखता हूं।
मैंं जानता हूं कि इनका कोई कसूर नहीं। ये लोग सरकार को हर टैक्स दे रहे हैं। जीएसटी कहा तो जीएसटी और अन्य लगाया तो अन्य। तो फिर इनको ये चोटें क्यूं? गुस़्से की वजह यह है कि यह चौराहा जिला मुख्यालय पर है। मेरे शहर का हाकिम (मेरा अर्थ कलक्टर) यहीं बैठता है। हाकिम के नीचे वो पूरी फौज (नगरपरिषद,पीडब्ल्यूडी, एनएच और सड़क से जुडे तमाम विभाग) हैं जो इस हालात को सुधारने को जिम्मेदार हैं। उनके लिए यह कार्य कोई महीनों का नहीं है। महज तीन दिन का ही है। चारों तरफ की चार सड़कें पांच सौ से हजार मीटर तक गड्ढों में हैं। यहां केवल कुछ डम्पर कंक्रीट और उस पर सीमेंट, डामर या जो कुछ भी बिछाना है बिछा दें और आवागमन को अभी सहूलियत कर दें।
जब बड़ा बजट आए तब की तब देखी जाएगी। अब यह कहें कि साहब, बजट नहीं है? कैसे होगा? अभी किस प्रकार करेंगे तो इन लोगों को मैं एक किस्सा याद दिलाता हूं,२००६ की कवास की बाढ़ में कांगेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आई थी और उन्होंने इतना ही कहा था कि मैं बाढ़ पीडि़तों के कैंप तक जाऊंगी। प्रशासन ने २४ घंटे में करीब सौ मीटर की रोड २६ फीट बाढ़ के पानी में रेत भरकर बनाई थी और काफिला अंदर तक गया था। तब तो इतने संसाधन भी नहीं थे। अब भी तुम नहीं समझे हो तो मैं यही कहूंगा कि यह ठीक नहीं है... मैं तो चौराहा हूं... चौराहे पर ही रहूंगा....तुम्हें जनता चौराहे पर ला देगी उस दिन राह नहीं सूझेगी।
पेचवर्क प्रारंभ कर दिया है
कॉलेज रोड की तरफ से पेचवर्क प्रारंभ कर दिया है। आगे पानी भरा है, उसकी निकासी के लिए नगरपरिषद से कहा गया है। पेचवर्क का कार्य शीघ्र पूरा करेंगे। हाईवे का टेण्डर होने पर ही रोड़ का कार्य पूर्ण किया जाएगा।- सूराराम,अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी