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माघ पूर्णिमा : जानें- स्नान का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दान का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान और स्नान करने से बत्तीस गुना फल की प्राप्ति होती है, इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सुलतानपुर. 27 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। चंद्रमा के पूर्ण रूप में आने वाली तिथि को ही पूर्णिमा कहते हैं। यह तिथि हर माह में पड़ती है। ऐसे में इस बार माघ मास की पूर्णिमा तिथि 27 फरवरी 2021, दिन शनिवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान और स्नान करने से बत्तीस गुना फल की प्राप्ति होती है, इसलिए इसे बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु और चंद्रदेव को समर्पित की जाती है। यह तिथि बेहद शुभ मानी गई है।

आचार्य डॉ. शिवबहादुर तिवारी ने माघी पूर्णिमा पर किये गए स्नान-ध्यान और दान की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि पौष शुक्ल पूर्णिमा माघ स्नान की आरंभिक तिथि है और माघी पूर्णिमा अंतिम स्नान पर्व है। पूरा माघ प्रयाग में कल्पवास करके त्रिवेश स्नान करने का अंतिम दिन 'माघ पूर्णिमा' ही है। आचार्य ने बताया कि माघ पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। स्नान पर्वों का यह अंतिम प्रतीक है।

माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य की समस्त बाधाएं कट जाती हैं। माघ मास में प्रतिदिन प्रात: काल यानि ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, तालाब, कुआं, बावड़ी आदि के शुद्ध जल से स्नान करके पूरे माघ मास भगवान मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए नित्य ब्राह्मण को भोजन कराना, दक्षिणा प्रतिदिन स्नान करने के बाद ब्राह्मणों को देना चाहिए। इस मास में काले तिलों से ही पितरों का तर्पण करना चाहिए। आचार्य डॉ तिवारी ने बताया कि सनातन परंपरा, संस्कृति की मान्यताओं के अनुसार माघ स्नान करने वाले व्यक्ति पर भगवान माधव प्रसन्न रहते है और उसे सुख—सौभाग्य, धन-संतान और स्वर्गादि उत्तम लोकों में निवास देते हैं। माघ स्नान पर पुण्यशाली व्यक्ति को ही भगवान माधव की विशेष कृपा से प्राप्त होता है।

जपें यह मंत्र खुल जाएंगे किस्मत के ताले
आचार्य डॉ. शिवबहादुर तिवारी ने बताया कि अगर धन संबंधित समस्याओं से परेशान हैं तो माघ मास की पूर्णिमा के दिन किसी मिट्टी के पात्र में कच्चा दूध लेकर उसमें थोड़ी सी चीनी और चावल मिलाकर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए चंद्रमा को अर्घ्य दें। इस मंत्र का जाप करने से आपकी किस्मत चमक जाएगी । 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमासे नम:।'

माघी पूर्णिमा दिन क्या करें
आचार्य डॉ. शिवबहादुर तिवारी ने बताया कि इस पर्व में यज्ञ, तप और दान का विशेष महत्व है। इस दिन स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का पूजन, पितरों का श्राद्ध और भिखारियों को दान करने का विशेष फल है। निर्धनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न, पादुका आदि का दान करना चाहिए। ब्राह्मणों को भोजन कराने का माहात्म्य व्रत करने से ही होता है।

माघी पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
माघ पूर्णिमा शनिवार, फरवरी 27, 2021 को
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – फरवरी 26, 2021 को 03:49 PM बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त – फरवरी 27, 2021 को 01:46 PM बजे तक

By- राम सुमिरन मिश्र

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