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सूरत।उमरवाडा में जवाहर सोसायटी निवासी एक व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिजनों ने अंगदान का निर्णय किया, जिससे तीन जनों को नई जिंदगी मिली है। परिवार के लोगों ने उम्मीद जताई कि इस अंगदान से अनाविल समाज के लोगों को नई दिशा मिलेगी।
कंप्यूटर स्टेशनरी व्यवसाय से जुड़ा अपूर्व हरेश देसाई (47) 29 दिसम्बर की सुबह अचानक चक्कर आने से गिर पड़ा था। उसे महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि हुई। दिमाग में रक्त की गांठ भी मिली। दूसरे दिन उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना डोनेट लाइफ प्रमुख नीलेश मांडलेवाला को दी गई। डोनेट लाइफ के सदस्यों ने परिजनों को अंगदान के बारे में समझाया।
उनकी सहमति मिलने के बाद अहमदाबाद की आईकेडीआरसी की ट्रांसप्लांट कोर्डिनेटर प्रिया शाह और डॉ. प्रांजल मोदी से सम्पर्क किया गया। डॉ. प्रांजल की टीम ने किडनी और लीवर का दान स्वीकार किया, जबकि चक्षुओं का दान अर्पण पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट की डॉ. मीना घडिया ने स्वीकारा। दान में मिली एक किडनी अहमदाबाद निवासी जय हितेन्द्र लींबाणी (16), दूसरी किडनी अहमदाबाद निवासी प्रदीप सिंह एस. शेखावत (14) और लीवर मेहमदाबाद निवासी मीनेश दिनेश पटेल (41) में ट्रांसप्लांट किया गया। अपूर्व मूल रूप से नवसारी जिले के खारा अब्रामा गांव का निवासी था।
2016 में 121 को नई जिंदगी
डोनेट लाइफ ने अंगदान के लिए शहर के साथ गांवों में भी जागरुकता के प्रयास किए हैं। सूरत तथा दक्षिण गुजरात में वर्ष 2016 के दौरान हुए अंगदान से 121 जनों को नया जीवन मिला। मांडलेवाला ने बताया कि पिछले साल 47 किडनी, 22 लीवर, एक पेन्क्रीयाज और 46 चक्षुओं का दान मिला। अब तक उनकी ओर से अंगदान करवा कर 417 जनों को नया जीवन देने की कोशिश की गई। सूरत तथा दक्षिण गुजरात में अब तक 182 किडनी, 67 लीवर, 4 पेन्क्रीयाज, 7 हृदय और 158 चक्षुओं का दान स्वीकारा गया।
