फिलहाल लोग गंतव्य तक पहुंचने के लिए परवत पाटिया या उधना तीन रास्ता का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें समय अधिक लगता है और पैसा भी ज्यादा खर्च होता है। उधना, लिंबायत, नवागाम, डिंडोली और आंजणा विस्तार के लोगों को सहारा दरवाजा की ओर घूमकर जाना पड़ता है। इन क्षेत्रों में करीब छह लाख की श्रमिक बस्ती है। यदि रेलवे पटरी के समानांतर रास्ता बनता है तो इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों की सूरत स्टेशन, बस स्टेशन, स्मीमेर हॉस्पिटल और टैक्सटाइल मार्केट तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा लिंबायत में प्रस्तावित श्मशान गृह जाना भी लोगों के लिए सुगम होगा।