सूरत. स्कूलों में विद्यार्थियों को शारीरिक सजा देने या मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर रोक है। इसके बावजूद कई स्कूलों में विद्यार्थियों को सजा दिए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। विद्यार्थियों को बार-बार शारीरिक सजा या मानसिक प्रताड़ित करने वाले स्कूलों के खिलाफ गुजरात प्राथमिक शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक के कदम उठाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया गया है।
गुजरात प्राथमिक शिक्षा विभाग ने फिर से दिशा-निर्देश जारी किए है कि किसी भी विद्यार्थी को स्कूल की ओर से शारीरिक सजा नहीं दी जाए। विद्यार्थी को मानसिक रूप से प्रताड़ित भी नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने वाले स्कूल के खिलाफ आदेश की अवहेलना मान कर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। पहली बार शिकायत मिलने पर स्कूल पर 10 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद दो से पांच बार तक शिकायत मिलने पर 25 हजार तक का जुर्माना लगाया जाने का आदेश दिया गया है। स्कूल की ओर से जुर्माना ना भरा जाए और बार-बार शिकायत मिलती रहे तो स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है।
कापोद्रा इलाके की साधना निकेतन स्कूल में 9 अक्टूबर को एक शिक्षिका द्वारा बच्ची को पीटने का मामला सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। बच्ची के अभिभावकों की शिकायत पर आरोपी शिक्षिका के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।