कानपुर देहात. आज भी स्कूल में जाति के हिसाब से पढ़ाई और बैठने को चटाई मिलती है। दलित सरपंच जब स्कूल जाती हैं और इस पर आपत्ति जताती हैं तो प्रिंसिपल भिड़ जाते हैं, जिस कुर्सी पर महिला सरपंच बैठी थीं। प्रिंसिपल उसको दलित बच्चों से सरपंच के सामने ही धुलवाते हैं। महिला सरपंच जब विरोध करती है, तो ऊंची जाति के प्रिंसिपल से उससे भिड़ जाता है और हाथ पकड़कर स्कूल से बाहर निकाले जाने के साथ जातिसूचक गाली भी देता है।