8 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

#AKTUCONVOCATION: बदलता ट्रेंड- जॉब के बजाए आगे की पढ़ाई करना प्रिफर कर रहे टॉपर्स

कोर्स खत्म होने के बाद जॉब के बजाए आगे पढ़ाई को प्रिफरेंस दे रहे हैं AKTU टॉपर्स

2 min read
Google source verification

image

Prashant Srivastava

Jan 22, 2016

लखनऊ. यूपी में आईटी हब बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ AKTU टॉपर्स कोर्स खत्म होने के तुरंत बाद जॉब के बजाए आगे की स्टडीज करना प्रिफर कर रहे हैं। इसे अब बदलता ट्रेंड कहें या स्टूडेंट्स की चॉइस लेकिन इससे यह तो साफ है कि यह केवल जॉब पाने के लिए प्रोफेशनल कोर्स करने के बजाए यह सब्जेक्ट पर पकड़ बनाने और एकेडमिक्स को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रतीक्षा वार्ष्णेय

कंप्यूटर साइंस से बीटक करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट प्रतीक्षा वार्ष्णेय इन दिनों बेंगलुरु से मास्टर्स ऑफ साइंस की पढ़ाई कर रही हैं। गाजियाबाद के एके गर्ग कॉलेज से बीटेक करने वाली प्रतीक्षा ने बताया कि कॉलेज में पढ़ाई करते वक्त ही एक आईटी फर्म में प्लेसमेंट हुआ था लेकिन प्रतीक्षा के पैरंट्स चाहते थे कि वे जॉब के चक्कर में अभी न पढ़े और आगे की पढ़ाई पूरी करें। प्रतीक्षा ने भी इसी राह पर चलते हुए लगभग पांच लाख के पैकेज वाली जॉब को मना कर दिया। फिलहाल वे अपनी एकेडमिक्स पर ही फोकस कर रही हैं।

आकृति सिंघल

AKTU से बैचलर्स इन फैशन एंड अपैरल डिजाइन में गोल्ड मेडेलिस्ट मेरठ की आकृति सिंघल इन दिनों NIFT हैदराबाद से मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। अाकृति ने कोर्स के वक्त ही एकेडमिक्स में फ्यूचर बनाने का प्लान कर लिया था इसलिए बैचलर्स की पढ़ाई पूरी होते ही उन्होंने मास्टर्स में एडमिशन ले लिया। अब वे फैशन टेक्नॉलजी की फील्ड में ही एक सक्सेसफुल एकेमिशियन बनना चाहती हैं। आकृति के पैरंट्स भी उनके इस डिसीजन में उनके साथ हैं।

श्वेता त्रिपाठी

बायोटेक्नॉलजी में गोल्ड मेडेलिस्ट गोरखपुर की श्वेता त्रिपाठी ने कानपुर के डॉ अंबेडकर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी फॉर हैंडीकैप्ड से पढ़ाई की है। फिलहाल वे आईआईटी बीएचयू से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में एमटेक कर रही हैं। श्वेता की इच्छा भी एकेडमिक्स में करियर बनाने की है। श्ववेता के मुताबिक एकेडमिक्स में करियर ज्यादा लॉन्ग लास्टिंग और कंफर्टबल होता है। इसके अलावा बैचलर्स के बाद मास्टर्स की पढ़ाई करने से सब्जेक्ट पर और भी रिसर्च करने का मौका मिलता है।

प्रियंका अवस्थी


एचआर एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी में एमबीए करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट प्रियंका अवस्थी इन दिनों बैंकिंग की प्रिपरेशन कर रही हैं। उन्होंने राजधानी लखनऊ के रामस्वरूप कॉलेज से एमबीए किया है। इसके अलावा में लखनऊ यूनिवर्सिटी से पीजीडीएम भी कर चुकी हैं। प्रियंका के मुताबिक प्राइवेट जॉब से कहीं ज्यादा बेहतर गवर्नमेंट सेक्टर है इसलिए उन्होंने कोर्स करने के बाद गवर्नमेंट सेक्टर की प्रिपरेशन करने का निर्णय लिया।

वहीं एकेटीयू के एग्जाम कंट्रोलर प्रोफेसर बीएन मिश्रा के मुताबिक यूनिवर्सिटी की ओर से सभी स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट कराने की कोशिश की जाती है। कई टॉपर्स प्लेस्ड होने के बाद जॉब नहीं जॉइन करते। एक तरह से उनका निजी डिसिजन होता है क्योंकि ज्यादातर टॉपर्स मास्टर्स या सिविल सर्विसेज की प्रिपरेशन करते हैं। यूनिवर्सिटी की हमेशा से कोशिश रही है कि स्टूडेंट्स को प्रॉपर गाइडेंस मिले ताकि वे कोर्स कंप्लीट होने के बाद जो भी रास्ता चुनें उसमें बेस्ट करें।

ये भी पढ़ें

image