राशन की काला बाजारी रोकने के लिए शासन ने ई केवायसी और आधार सीडिंग कराने का कार्य दो साल पहले शुरू किया था। जिसमें उपभोक्ता का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाना था लेकिन यह आधार सीडिंग का कार्य ५० फीसदी तक नहीं पहुंच पाया है।
टीकमगढ़. राशन की काला बाजारी रोकने के लिए शासन ने ई केवायसी और आधार सीडिंग कराने का कार्य दो साल पहले शुरू किया था। जिसमें उपभोक्ता का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाना था लेकिन यह आधार सीडिंग का कार्य ५० फीसदी तक नहीं पहुंच पाया है। जबकि आधार सीडिंग और मोबाइल ई-केवायसी कार्य को शतप्रतिशत करने का लक्ष्य ३१ मई दिया गया था।
जिले के चार ब्लॉकों में ३७४ के करीब राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा है। इन दुकानों में २०९१८९ परिवारों के ८ लाख ६१ हजार ७२ सदस्यों की ई केवायसी और आधार सीडिंग कराई जानी थी। इस कार्य से उपभोक्ता के नाम मिलने वाले राशन की कालाबाजारी को रोकने का कार्य किया जा सकता था लेकिन खाद विभाग, विक्रेताओं द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण ४८.१० फीसदी तक ही ई-केवाइसी और आधार सीडिंग का कार्य हो पाया है।
यह हुई आधार सीडिंग
जिले में २०९१८९ परिवार राशन के लिए पात्रता दी गई है। इन परिवारों में ८६१०७२ सदस्य जुड़े हुए है। खाद्य विभाग और विक्रेताओं द्वारा विभिन्न बैठकों और नोटिस कार्रवाई के बाद ४१४१३९ सदस्यों की आधार सीडिंग कर पाए है। जिसमें आधार पर भी प्रतिशत का आंकड़ा नहीं पहुंच पाया है।
३१ मई तक दिया गया था आधार सीडिंग का लक्ष्य
जिले में राशन कार्ड परिवारों को मोबाइल आधार सीडिंग अनिवार्य की गई है। इसके लिए कई माहों से लगातार लक्ष्य पूर्ण करने का प्रयास जारी है। हालांकि इस काम में लगातार विलंब हो रहा है। उपभोक्ताओं के रूचि नहीं लेने से अब तक जिले में ४८.१० प्रतिशत लोगों की आधार सीडिंग हो पाया है। जबकि शासन ने 31 मई तक इसे शत प्रतिशत पूर्ण करवाने का लक्ष्य तय किया था। ऐसे में अब शेष बचे ५१.९ प्रतिशत उपभोक्ताओं का जून माह में सीडिंग कार्य करवाना होगा।
शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने वाले हितग्राहियों को मोबाइल सीडिंग और ई केवाइसी करवाना अनिवार्य किया है। वहीं ऐसा न करने वाले उपभोक्ताओं के राशन वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। राशन दुकान संचालकों द्वारा खाद्यान्न में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पात्र परिवारों को समय से खाद्यान्न का वितरण हो सके व किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके लिए पात्र परिवार के सदस्यों को ई केवायसी कराना व किसी एक सदस्य का मोबाइल सीडिंग करना अनिवार्य है।
फैक्ट फाइल
स्थान परिवार सदस्य आधार सीडिंग प्रतिशत
जनपद पंचायत टीकमगढ़. ४६९३१ १८४६९० ८४१०० ४५.५४
जनपद पंचायत बल्देवगढ़ ४६७०५ १८४७३६ ८५३७१ ४६.२१
जनपद पंचायत जतारा ४८४६६ १९७९४८ ९२१५४ ४६.५५
जनपद पंचायत पलेरा ४१५१९ १८१६८२ ८६६२४ ४७.६८
नगरपालिका टीकमगढ़. १०३६७ ४४३७९ २७२४७ ६१.४०
नगरपरिषद बडागांव धसान १५२५ ७६३५ ५०४८ ६६.१२
नगरपरिषद कारी २२८७ ९३८१ ४९८६ ५३.१५
नगरपरिषद बल्देवगढ़ १७८१ ७५०४ ४६०५ ६१.३७
नगरपरिषद खरगापुर २३०२ ११७२१ ४५५१ ३८.८३
नगरपरिषद पलेरा २९४३ १२७९० ८६७२ ६७.८०
नगरपरिषद लिधौरा खास १९०१ ८६०४ ३६४० ४२.३१
नगरपरिषद जतारा २४६२ १०००२ ७१४१ ७१.४०
इनका कहना
जिले में आधार सीडिंग और मोबाइल ई केवायसी ४८.१० प्रतिशत हो पाया है। जून तक जिस परिवार का आधार सीडिंग और मोबाइल ई-केवायसी नहीं हो पाई तो ऐसे परिवार के सदस्यों को राशन नहीं दिया जाएगा। यह कार्य पूर्ण करने के लिए विक्रेताओंं को कई बार नोटिस दिए गए है।
ललित मेहरा प्रभारी खाद्य अधिकारी टीकमगढ़।