
पानी की गुणवत्ता और लीकेज पर नजर और जीपीएस मैपिंग रीबोड और सेंसर देगा संकेत
टीकमगढ़ इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शासन एक्शन मोड में आ गया है। आमजन को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर पानी की टंकी और नल लाइनों तक की निगरानी अमृत एप के माध्यम से की जाएगी।
यह एप नलों से आने वाले पानी की स्वच्छता, पाइप लाइन लीकेज, दबाव की स्थिति और अवैध नल कनेक्शनों की जानकारी देगा। जीआईएस व जीपीएस मैपिंग के बाद पूरी जल आपूर्ति प्रणाली पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सूचना मिलेगी और मौके पर कार्रवाई की जाएगी।
शासन ने भूजल व पेयजल की गुणवत्ता जांच, ट्रीटमेंट प्लांट, पानी की टंकियों की नियमित सफ ाई और पाइप लाइन लीकेज की जांच को अनिवार्य कर दिया है। अमृत एप के जरिए पेयजल से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
शहर में लगभग 13 हजार वैध नल कनेक्शन है, जबकि करीब 2 हजार अवैध कनेक्शन पाए गए है। वार्ड स्तर पर जांच की जा रही है। कई वार्डों में अवैध कनेक्शन हटाए जा चुके है और दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
नगर से करीब 13 किलोमीटर दूर जामनी नदी के किनारे बरीघाट पर दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट संचालित है। पहला प्लांट 12. 65 एमएलडी क्षमता, दूसरा प्लांट 3. 35 एमएलडी क्षमता का है। इन प्लांटों से प्रतिदिन शहर की 8 पानी की टंकियों को पानी सप्लाई किया जाता है। अब इनकी सुरक्षा और निगरानी जीआईएस मैपिंग और अमृत रेखा एप से होगी। पाइप लाइन में खराबी का पता लगाने के लिए रोबोट व सेंसर आधारित सिस्टम का भी उपयोग किया जाएगा।
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को लेकर हर मंगलवार जल सुनवाई आयोजित की जाएगी। इसमें आमजन की शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सप्लाई होने वाले पानी की निगरानी एप के माध्यम से की जाएगी। इनकी शिकायतों के निराकरण के लिए जल सुनवाई आयोजित किया जाएगी। स्वच्छता और सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाएगा।
Updated on:
16 Jan 2026 11:20 am
Published on:
16 Jan 2026 11:20 am
