
शहर भर में सैकड़ों खुले सेप्टिक टैंक बने खतरा
टीकमगढ़ नगरपालिका की घोर लापरवाही अब आमजन के लिए जानलेवा साबित हो रही है। शहर में सैकड़ों खुले और अधूरे सेप्टिक टैंक मौत का कुआं बने हुए है। हाल ही में बम्हाण कॉलोनी में एक निर्माणाधीन प्लॉट के खुले सेप्टिक टैंक में डूबने से दो सगे मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के बाद भी नगर प्रशासन की नींद नहीं खुली है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्डों में करीब 18300 मकान निर्मित हो चुके है, जबकि 4000 से अधिक प्लॉट खाली पड़े है और लगभग 2000 प्लॉटों पर निर्माण कार्य अधूरा है। इनमें से बड़ी संख्या में प्लॉटों पर सेप्टिक टैंक खुले, अधूरे या जर्जर हालत में है। न तो उन पर ढक्कन लगाए गए है और न ही किसी तरह की घेराबंदी या चेतावनी संकेत मौजूद है।
शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्लॉटों की खरीद फ रोख्त तेजी से बढ़ी है। अधिक मुनाफ ा कमाने की चाह में कई लोग केवल फ ाउंडेशन और सेप्टिक टैंक बनवाकर निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा छोड़ देते है। यही अधूरे निर्माण आज बच्चों और राहगीरों के लिए जान का खतरा बन चुके है।
नियम है, लेकिन पालन शून्य
नियमों के अनुसार सेप्टिक टैंक को सुरक्षित ढंग से ढकना और चारों ओर से घेराबंदी करना अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। नगर पालिका द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
एफ आइआर के बाद भी सवाल कायम
घटना के बाद पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन सवाल यह है कि नगरपालिका की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही। आखिर इतने बड़े पैमाने पर खुले सेप्टिक टैंक कैसे बने रहे। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नपा को शहर भर में विशेष जांच अभियान चलाना चाहिए। खुले सेप्टिक टैंकों को तत्काल बंद कराया जाना चाहिए और लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाए।
आमजन पर भारी पड़ रही नपा की लापरवाही
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका में शिकायतें की, लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नतीजा यह हुआ कि आज मासूमों की जान चली गई। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना के बाद नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, सभी खुले सेप्टिक टैंकों को तत्काल बंद कराने और शहरभर में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराती रहेंगी।
मामले को लेकर नपाध्यक्ष और अधिकारियों को पहले जानकारी दे चुके है। खाली पड़े प्लाट मालिकों को नोटिस दे और नियम अनुसार कार्य न करने वालों पर कार्रवाई करें। जिससे इस प्रकार की अनहोनी से रोका जा सके।
नगरपालिका सभी वार्डों में अभियान चलाए और खुले पड़े सेप्टिक टैंकों को ढकने के साथ सुरक्षित करने के निर्देश दे। मुनाफे के चक्कर में स्थानीय लोगों ने कई स्थानों पर प्लाटों को खरीद लिया है और बेचने के उद्देश्य से उनका निर्माण कार्य बंद कर दिया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए।
सोमवार से नपा क्षेत्र के सभी वार्डों में खाली पडे प्लाटों को चिन्हित किया जाएगा और निर्माण धीन प्लाट मालिकों के खिलाफ नोटिस दिया जाएगा। दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाले स्थानों की सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
2 Feb 2026, 8:04 PM IST
Published on:
2 Feb 2026, 8:04 PM IST
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