
20 गांवों की सिंचाई करने वाली योजना बनी सरकारी लापरवाही की भेंट, किसानों की उम्मीदें दम तोडऩे लगी
टीकमगढ़ बड़ागांव धसान क्षेत्र के 20 गांवों को सिंचाई का जीवनदान देने वाली 4. 34 करोड़ रुपए की एसडीएमएफ योजना पिछले तीन वर्षों से केवल टेंडर और कागजी प्रक्रिया में ही उलझी हुई है। उमडार नदी से पोखना तालाब और फि र तालाब से किसानों के खेतों तक बनाई जाने वाला नाला का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका है। नहर के इंतजार में बैठे किसानों की उम्मीदें अब धीरे धीरे खत्म होती जा रही है।
बड़ागांव धसान क्षेत्र के समीप बहने वाली धसान नदी पर सुजारा बांध का निर्माण किया गया है, जिसकी शाखा उमडार नदी है। इसी उमडार नदी से पोखना तालाब को भरने और फि र तालाब से आसपास के गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाने की योजना जल संसाधन विभाग द्वारा बनाई गई थी। सर्वे भी हुआ, नहर निकासी के लिए जमीन चिन्हित भी कर ली गई, लेकिन इसके बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई।
किसानों के अनुसार उमडार नदी से पोखना तालाब तक नाला निर्माण के लिए २ करोड़ ३५ लाख रुपए और पोखना तालाब से खेतों तक नहर निर्माण के लिए १ करोड९९लाख१६ हजार १११ रुपए स्वीकृत किए गए थे। हैरानी की बात यह है कि तीन साल से लगातार टेंडर डाले जा रहे है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इस योजना से हदयनगर, ककरवाहा, डूडा, मिथलाखेरा, अंतौरा, अमरपुर, नावई, हरीनगर सहित अन्य गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलनी थी। नहर का काम शुरू न होने से किसान आज भी बारिश के भरोसे खेती करने को मजबूर है।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत नगरपालिका और जल संसाधन विभाग से कई बार की, लेकिन न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही निर्माण कार्य की समय सीमा तय की गई। सरकारी उदासीनता के चलते करोड़ों की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
पोखना तालाब पहले से भरा हुआ है। इसे भरने के लिए दूसरा नाला कहां से बनना था, मुझे जानकारी नहीं है। जानकारी करके कार्रवाई करवाता हूं।
उमडार नदी से पोखना तालाब तक का नाला का निर्माण मेरी फर्म जीवन त्योति फर्म से किया जाना था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण काम नहीं कर पा रहे है। इस कारण से उस कार्य को कराने से मना कर दिया और संबंधित को लिखित पत्र भी दे दिया है।
Updated on:
08 Feb 2026 08:22 pm
Published on:
08 Feb 2026 08:22 pm
