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बंद कराओ बनास में खनन,बनास बचाओ चलेगा अभियान

टोंक. बनास नदी में लीज क्षेत्र के बाहर किए जा रहे खनन को लेकर शुक्रवार को किसानों को गुस्सा उबल पड़ा। किसान महापंचायत के बैनर तले आए सैकड़ों किसानों ने डाक बंगले से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

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किसान महापंचायत के बैनर तले आए सैकड़ों किसानों ने डाक बंगले से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

टोंक. बनास नदी में लीज क्षेत्र के बाहर किए जा रहे खनन को लेकर शुक्रवार को किसानों का गुस्सा उबल पड़ा।

किसान महापंचायत के बैनर तले आए सैकड़ों किसानों ने डाक बंगले से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली।

नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में जिले के किसान डाक बंगले में एकत्र हुए।

यहां से वे जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। करीब आधा घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद कलक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि बनास नदी में लीज क्षेत्र के बाहर खनन किया जा रहा है।

जबकि नियमों के मुताबिक नदी के बहाव में किसी भी प्रकार के खनन की लीज नहीं दी जा सकती।

बनास नदी में दी गई लीज क्षेत्र के बाहर भी खनन किया जा रहा है। इससे समीप के कुओं का जल स्तर गिर रहा है।

इससे किसान फसलों को लेकर चिंतित है। इसका विरोध करने पर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं।

गत दिनों भी कुछ किसानों के खिलाफ पीपलू थाने में मामला दर्ज कराया गया। इसमें किसान जब अपनी ओर से मामला दर्ज कराने गए तो पुलिस ने उन्हें भेज दिया और मामला दर्ज नहीं किया।

इससे किसानों में नाराजगी है। उन्होंने किसानों के खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों को खारिज करने तथा नियमों के विपरीत किए जा रहे खनन को बंद कराने की मांग की।

इस दौरान महापंचायत के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद अजमल, जिलाध्यक्ष दशरथलाल गुर्जर, प्रेमलाल, रतनलाल, शिवपाल, रामसिंह, राजाराम आदि मौजूद थे।

किया जाएगा आंदोलन

राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल ने बताया कि बनास नदी को पूरी तरह से खाइयों में बदल दिया गया है।

इसके चलते बनास बचाओ संघर्षसमिति का गठन किया गया है। ये समिति बनास को बचाने को लेकर आंदोलन करेगी।इसमें जिले से लेकर प्रदेश तक आंदोलन किए जाएंगे।

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