राज्य सरकार की आरजीएचएस योजना के दायरे में आने वाली निजी दवा दुकानों को समय-समय पर भुगतान कर रही है। वहीं सहकारिता भंडार की दुकानों पर अनदेखी बरती जा रही है। राज्य कर्मचारियों को दी जाने वाली दवा का भुगतान उन्हें समय पर नहीं मिल रहा है। इसके चलते उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा रही है।
टोंक. राज्य सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को केशलैस दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए अक्टूबर 2021 में शुरू की गई राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस सहकार पर संकट खड़ा कर रही है। टोंक ही नहीं प्रदेशभर में पात्र मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध करवाने वाले सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडारों को पिछले काफी समय से भुगतान नहीं किया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अकेले टोंक जिले में सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के करीब सवा दो करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है। मात्र दस प्रतिशत मार्जिन पर काम करने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से सहकारी भंडारों का दिवाला निकल रहा है।
दो साल में कभी नहीं किया पूरा हिसाब
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरजीएचएस को शुरू किए करीब दो साल पूरे हो रहे हैं, लेकिन पिछले दो साल में सरकार ने कभी भी सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार का पूरा हिसाब नहीं किया है। यदि एक करोड़ बकाया है तो 70.80 लाख का भुगतान करके बकाया छोड़ दिया जाता है। इस बार भुगतान किए करीब 2 माह हो चुके हैं। जिले में टोंक सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के कुल 6 काउण्टर हैं, जिनका करीब सवा दो करोड़ का बकाया चल रहा है।
10 प्रतिशत मार्जिन पर माने, फिर भी खाली हाथ
16 अगस्त से पहले का भुगतान राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ जयपुर (कॉनफैड) के माध्यम से किया जाना है। पिछले दिनों सहकारी उपभोक्ता भंडारों को दवाइयों की बिक्री 10 प्रतिशत मार्जिन पर करने के लिए कहा गया। ऐसा करने पर भुगतान सीधे सरकार की ओर से करने का वादा किया गया।
संचालकों ने यूं जताई पीड़ा
&पिछले 10 माह से करीब 33 लाख का आरजीएचएस में भुगतान बकाया चल रहा है। इस भण्डार में दवा आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जिससे आरजीएचएस के लाभार्थियों को समय पर सम्पूर्ण दवाइयां मिल पाना सम्भव नहीं है।
राजाराम चौधरी, उपभोक्ता भण्डार संचालक टोडारायङ्क्षसह
&पेंमेंन्ट तो आ रहा है, लेकिन पिछला भी काफी बकाया चल रहा है। हर माह कुल बकाया भुगतान को कभी 30 तो कभी 40 प्रतिशत ही मिल पा रहा है, जिससे बकाया राशि बढ़ती जा रही है। आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही हैैैै।
यशवंत नागर, उपभोक्ता भण्डार संचालक मालपुरा
&समय पर भुगतान नही होने से सहकारी दवा विक्रय केन्द्रों का संचालन करने में कई परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द बकाया भुगतान कर उपभोक्ता भण्डार को राहत देना चाहिए।
नवेद मियां, उपभोक्ता भण्डार संचालक सआदत अस्पताल टोंक।
ये बोले जिम्मेदार...
&कॉनफैड की और से सरकार को पत्र लिखकर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार को बकाया भुगमान की मांग की है। मामला आरजीएचएस के अधीन प्रक्रियारत है।
शुभम जैन, प्रबधंक केवीएसएस, टोंक।