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किसी का हो गया तबादला तो कोई हो गया सेवानिवृत, फिर भी थाने में गुमराह कर रही सूचना, ग्रामीण व परिवादी हो रहे भ्रमित

थाना क्षेत्र के प्रत्येक पंचायत मुख्यालय में परिवादों व परिवेदनाओं में सहायता के लिए एडोप्टर मनोनीत किए हुए हैं।
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टोंक

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Pawan Kumar Sharma

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Updated: 11 Jul 2018, 10:27 AM IST

police

बंथली पुलिस थाना घाड़ भवन की दीवार पर लिखे नाम।

बंथली. घाड़ थाना पुलिस की लापरवाही का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस ने परिसर में लगे बोर्ड को कई महीनों से बदला तक नहीं है। परिसर की दीवारों पर लिखी जानकारियों में अधिकतर अधिकारी या तो स्थानांतरण होकर चल गए या सेवानिवृत हो गए, लेकिन उनके नाम आज भी बोर्ड पर लिखे हुए हैं।

इससे यहां आने वाले परिवादियों व ग्रामीणों को लिखे गलत नाम व नम्बरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके बावजूद थाना प्रभारी व पुलिसकर्मियों को अपनी गलती का अहसास नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि थाने की दीवारों पर पीडि़तों व ग्रामीणों की सहायता को लेकर अलग-अलग बॉक्स बनाकर अधिकारियों के नाम व नम्बरों सहित जानकारी लिखवाई गई है।

कई बॉक्स तो अधूरे हैं तो कुछ में स्थानांतरण होकर एवं सेवानिवृत होकर गए अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं। जबकि गत दिनों थाने की रंगाई-पुताई सहित अन्य कार्य करवाया गया था। इस दौरान दीवारों पर लिखे बॉक्स को पुतवाया गया, लेकिन अधिकारियों व पुलिसकर्मियों ने दीवारों पर फिर पुराने नाम-नम्बर लिखवा दिए।

थाना क्षेत्र के प्रत्येक पंचायत मुख्यालय में परिवादों व परिवेदनाओं में सहायता के लिए एडोप्टर मनोनीत किए हुए हैं। इसमें भरनी में मनोनीत तत्कालीन टोंक उपखण्ड अधिकारी डॉ. सूरजसिंह नेगी का स्थानांतरण सरवाड़ हो गया तो चन्दवाड़ में मनोनीत तत्कालीन देवली उपखण्ड अधिकारी मनोज शर्मा प्रमोशन लेकर जयपुर गए।

चारनेट में मनोनीत तत्कालीन नायब तहसीलदार लक्ष्मीनारायण का स्थानांतरण डिग्गी हो चुका है। देवड़ावास, जूनिया व गैरोली में मनोनीत तत्कालीन दूनी तहसीलदार मदनसिंह हाड़ा व घाड़ व धुवांकला में मनोनीत तत्कालीन नायब तहसीलदार अब्दुल वहीद सेवानिवृत हो चुके हैं। मजे की बात यह है कि इनके नाम आज भी दीवारों की शोभा बढ़ा रहे हैं। वहीं पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को नए अधिकारियों का नाम पता नहीं।

कप्तान आकर गए

मामला हैरान कर देने वाला तब बनता है जब घाड़ थाना पुलिस को अधिकारियों के नाम व नम्बरों की जानकारी नहीं है, लेकिन गत दिनों घाड़ थाने का निरीक्षण करने आए जिला पुलिस के कप्तान पुलिस अधीक्षक योगेश दाधीच को भी अपने अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही दिखाई नहीं दी। जबकि थाने के मुख्य गेट के पास स्वागत कक्ष की दीवार पर सब गलत जानकारियां लिखी हुई थी।

घाड़ थानाप्रभारी को निर्देश देकर एडोप्टरों के नाम बदलवाए जाएंगे।
नरेन्द्रमोहन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, देवली