
प्रतीकात्मक तस्वीर
Pradhan Mantri Awas Yojana: राजस्थान में सर्वे में छूटने सहित अन्य तकनीकी खामियों के चलते हजारों परिवार आवास योजना से वंचित थे, लेकिन अब केन्द्र सरकार ने दुबारा सर्वे की गाइडलाइन जारी की। इसमें पात्र परिवार स्वयं आवेदन कर सकेंगे। योजना को लेकर केंद्र सरकार ने वंचित परिवारों को आशियाना देने को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया के लिए सर्वे करने के आदेश दिए हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने प्रदेश की सभी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को दिए आदेश में कहा कि दो तरह से आवेदन लिए जाएंगे। वंचित परिवार खुद आवास प्लस ऐप से आवेदन कर सकता हैं। पंचायत की ओर से नियुक्त सर्वेयर वंचित परिवारों की पहचान कर उनके आवेदन लेंगे। पात्र परिवार के मोबाइल से ही दस्तावेज अपलोड करने होंगे और एप में फेस रीडिंग व आधार से सत्यापन कराना होगा।
गरीब परिवारों को अब अपना आवास आसानी से मिल सकेगा। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर नए नियम बना दिए है। इससे पात्र परिवारों को आवेदन करने में आसानी होगी और प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकेगी।
एक तरफ सरकार संचालित योजनाओं से प्रदेश के लोगो को लाभ देने को प्रयासरत है वहीं दूसरी ओर विभागीय लापरवाही के चलते लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे ही हालात है नगर पालिका दूनी में जहां स्वायत्त शासन विभाग की संचालित प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभार्थियों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है और उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे है। आवास योजना अन्तर्गत दर्जनों लाभार्थियों के खातों में तीसरी किस्त की राशि नहीं आने से नवनिर्मित आवासों का निर्माण अटक गया है।
किस्त की राशि नहीं आने से लाभार्थियों को भवन निर्माण सामग्री, व्यापारी, ठेकेदार सहित लेनदार व की राशि चुकाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे है। नगर पालिका प्रशासन ने सैकड़ों आवेदनों में से 99 आवास की स्वीकृति जारी कर लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त 30 हजार रुपए हस्तातंरित कर दी। इसके बाद लाभार्थियों ने आवास निर्माण कार्य शरू कर दिया।
अब निर्माणाधीन आवास पर छत डलवाने के समय 99 से 77 लाभार्थियों के खाते में तीसरी किस्त की राशि नहीं आने से आवास निर्माण कार्य रोकना पड़ा। हालांकि 11 लाभार्थियों के आवास अभी छत लेवल तक नहीं पहुंचे है। वहीं नगर पालिका के कार्मिकों की ओर से निर्माणाधीन आवासों की ऐप जियोटैग कराई जा चुकी है। स्वीकृत आवेदन से 7 लाभार्थियों को आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं कराने पर नोटिस भी दिया है।
आदेश के अनुसार, लाभार्थी को आवेदन के लिए आवास प्लस एप पर सर्वे में आधार नंबर देना होगा। आधार के अनुसार फेस केवाईसी होगी। सर्वे में परिवार के सभी सदस्यों के आधार, जॉब कार्ड, बैंक खाता पासबुक की आवश्यकता होगी। परिवार का कोई सदस्य लाभार्थी के रूप में चयनित होगा। महिला सदस्य होने पर उन्हें लाभार्थी बनाएंगे। महिला नहीं होने पर अन्य सदस्य लाभार्थी बनेंगे। खुद पात्र परिवार की ओर से किए सर्वे के दौरान वर्तमान आवास व नए बनाए जाने वाले की जगह की जिओ टैगिंग की जाएगी तथा सर्वे के सबमिट होने के बाद तय सर्वेयर मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे।
वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रता रखने वाले परिवारों के मुखिया की 24 बिंदुओं की जानकारी मांगी थी, लेकिन इनमें अंग्रेजी में विकल्प होने एवं आनन फानन में जानकारी भरने के चलते कई बिन्दुओं में गलत विकल्प फीड हो जाने से हजारों पात्र परिवार ऑटो रिजेक्ट होकर योजना से बाहर हो गए थे। हालांकि पंचायतों ने अपनी गलती सुधारकर दुबारा सूचियां बनाकर भेजी, लेकिन केन्द्र सरकार ने इन्हें शामिल नहीं किया। ऐसे परिवारों को सरकार के इन नए आदेशों में छत का लाभ मिलेगा।
नगर पालिका कार्यालय से तीसरी किस्त के लिए करीब तीन बार हेड ऑफिस जयपुर भेज चुके है। किस्त वहीं से आएगी।- कपिल वर्मा, कनिष्ठ अभियंता, नगर पालिका, दूनी
Updated on:
21 Jan 2025, 2:09 PM IST
Published on:
21 Jan 2025, 2:08 PM IST
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