राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में स्वायत शासन विभाग के सचिव व निदेशक समेत नगर पालिका निवाई के चेयरमैन दिलीप इसरानी तथा ईओ को नोटिस देकर जवाब-तलब किया है।
राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में स्वायत शासन विभाग के सचिव व निदेशक समेत नगर पालिका निवाई के चेयरमैन दिलीप इसरानी तथा ईओ को नोटिस देकर जवाब-तलब किया है। न्यायाधीश अनूप कुमार ढंड ने उप सभापति निवाई जितेन्द्र कुमार जैन की याचिका पर सम्बन्धित से जवाब-तलब किया है।
चहेतों की कंपनियों को जारी किए टेण्डर
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आर. के. गौतम व जी. एस. गौतम ने न्यायालय को बताया कि चेयरमैन दिलीप इसरानी ने ईओ से मिलीभगत कर बिजली मद में प्रस्तावित मद से ज्यादा अपने चहेतों और स्वयं को फायदा पहुंचाने के लिए बजट में प्रस्तावित मद से 6 गुणा मद बिजली कार्यों में नियम 88(3) नगरपालिका अधिनियम 2009 के विरुद्ध 52 लाख की जगह 2 करोड़ 48 लाख के टेंडर चहेतों की कंपनियों को जारी कर दिए।
परिवारजनों एवं हिस्सेदारों के नाम पट्टे किए जारी
निवाई में कोशी नदी के नाम से बहने वाले नाले को पाटकर जमीनों पर कॉलोनी काट कर करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया और जयपुर रोड स्थित करोड़ों रुपए की जमीन पर अवैध कब्जा करवाकर दुकानों का निर्माण करवा दिया। उन पर अपने परिवारजनों के नाम एवं अपने हिस्सेदारों के नाम गुपचुप रूप से पट्टे जारी करवाए जा रहे हैं, जिससे नगरपालिका को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में विभाग को कई प्रतिवेदन भी दिए और भ्रष्टाचार ब्यूरो में भी शिकायत की। लेकिन विभाग की ओर से उसके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा रही।