नफरी अभाव में लम्बित मामलों का निस्तारण नहीं-दूनी. पुलिस महकमें के आला अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र के थानों को नजरअंदाज कर जिले के चयन किए मुख्य शहरी पुलिस थानों का दौराकर कार्य उनकी प्रणाली का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दे इतिश्री कर रहे है। इस दौरान जिले के पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र की समस्या उच्चाधिकारियों के सामने रखने के बजाय मात्र उनकी आवभगत कर स्वयं की पीठ थप-थपवाने में अपनी भलाई समझते है।
दूनी. पुलिस महकमें के आला अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र के थानों को नजरअंदाज कर जिले के चयन किए मुख्य शहरी पुलिस थानों का दौराकर कार्य उनकी प्रणाली का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दे इतिश्री कर रहे है। इस दौरान जिले के पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र की समस्या उच्चाधिकारियों के सामने रखने के बजाय मात्र उनकी आवभगत कर स्वयं की पीठ थप-थपवाने में अपनी भलाई समझते है।
विभागीय लापरवाही के चलते ग्रामीण क्षेत्र के थाने कई माह से नफरी की कमी से जुझ रहे है, इससे थानों के हालात बद से बदतर होने के साथ ही सुनवाई नहीं होने सहित लम्बित प्रकरणों के चलते पुलिस अधिकारी, पीडि़त व आमजन भी परेशान है। ऐसा ही मामला है जिले के दूनी व घाड़ पुलिस थाना व इनसे जुड़ी आवां, पोल्याड़ा व सरोली पुलिस चौकी का, जहां नफरी के अभाव में पुलिस की कार्य प्रणाली दम तोड़ती नजर आ रही है, वहीं थानों व चौकियों में फरियाद लेकर आने वाले फरियादी व आमजन को थानों व चौकियों के चक्कर लगा परेशान होना पड़ रहा है।
हाकिम बगैर संचालित पुलिस चौकियां
उल्लेखनीय है कि विभागीय लापरवाही के चलते क्षेत्र के दूनी की आवां, पोल्याड़ा व सरोली पुलिस चौकियां कई माह से घाड़ की सरोली चौकी कई सालों से बगैर हाकिम (प्रभारी) के संचालित हो रही है। गौरतलब है कि आवां चौकी पर एक एएसआई, एक हैडकांस्टेबल व तीन कांस्टेबल के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में चौकी पर एक हेड कांस्टेबल व दो कांस्टेबल ही कार्यरत है।
चौकी के अधीन पांच पंचायतों के करीब २७ गावं व ढाणियां आती है।
जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पोल्याड़ा चौकी पर एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल व तीन कांस्टेबल की नफरी स्वीकृत है, लेकिन यहां वर्तमान एक हैडकांस्टेबल व एक कांस्टेबल ही कार्यरत है। पोल्याड़ा चौकी के अधीन जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित पांच पंचायतों के तीस गांव व ढाणियां लगती है।
यहां एक एएसआई, एक हेडकांस्टेबल व तीन कांस्टेबल की स्वीकृत नफरी होने के बावजूद मात्र एक हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल ही कार्यरत है। इससे भी बदतर हालात है घाड़ थाना क्षेत्र की जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सरोली पुलिस चौकी के जहां एक एसआई व छह कांस्टेबल की नफरी स्वीकृत है, लेकिन विभागीय लारपरवाही से यहा सालों से एसआई लगा ही नहीं, कभी कार्यरत हैडकांस्टेबल तो कभी कांस्टेबल ही एसआई पद कों सुशोभित करते आ रहे है।
वर्तमान में यहां मात्र एक हैडकांस्टेबल व दो कांस्टेबल कार्यरत है। इसमें आधे समय दोनो कांस्टेबल थाने पर कार्यरत रहने से चौकी के अधीन आने वाले चार पंचायतों के ३२ गावों के हजारों लोगों को चौकी व थाने के बीच भटकना पड़ रहा है।
थानों के भी हालात कम नहीं
इधर, दूनी थाने में एक एसआई दो एएसआई, तीन हैडकांस्टेबल व २७ कांस्टेबल स्वीकृत नफरी है इसमें से उपनिरीक्षक पद पर पुलिस निरीक्षक लगाया हुआ है तो एसआई का पद भी रिक्त है साथ ही २७ में से मात्र १७ कांस्टेबल ही थाने में कार्यरत है।
घाड़ में स्वीकृत एक एसआई, दो एएसआई, आठ हेड कांस्टेबल व इक्कीस कांस्टेबल की नफरी है, वर्तमान में थाने पर एक एएसआई, दो हेड कांस्टेबल व मात्र चौदह कांस्टेबल कार्यरत है जबकी एक एएसआई कई माह से अस्थाई रूप से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगा है।
अगले साल तक होगी पूर्ति
दूनी-घाड़ थाना सहित इससे जुड़ी तीनों चौकियों में नफरी का अभाव है। इससे सभी को परेशानी उठानी पड़ रही है। लाइन में भी नफरी का अभाव है। निरीक्षण को आए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीजू जार्ज जोसफ को नफरी के कमी से अवगत कराया गया था। अब तो विभाग की भर्ती से प्रशिक्षण पूर्ण कर आने वाले कार्मिकों के आने पर अगले साल तक थानों में नफरी बढ़ पाएगी।
रामचन्द्रसिंह नेहरा पुलिस उपाधीक्षक, देवली