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एशिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल में टोंक के कलाकार देंगे प्रस्तुति, टोंक समूह के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली की ओर से आयोजित नाट्य समारोह भारत रंग महोत्सव में थिएटर समूह कम्युनिटी थिएटर टोंक के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन हुआ है। यह जिले के कलाकारों के लिए अच्छी खबर है।

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टोंक

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Jalaluddin Khan

Dec 09, 2023

एशिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल में टोंक के कलाकार देंगे प्रस्तुति, टोंक समूह के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन

एशिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल में टोंक के कलाकार देंगे प्रस्तुति, टोंक समूह के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन

एशिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल में टोंक के कलाकार देंगे प्रस्तुति, टोंक समूह के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली की ओर से आयोजित नाट्य समारोह भारत रंग महोत्सव में थिएटर समूह कम्युनिटी थिएटर टोंक के नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन हुआ है। यह जिले के कलाकारों के लिए अच्छी खबर है।


दरअसल नाट्य समारोह भारत रंग महोत्सव (भारंगम) राष्ट्रीय थिएटर फेस्टिवल भारंगम हर साल आयोजित किया जाता है। इसमें भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी नाट्य प्रस्तुतियां शामिल होगी। ऐसे में यह एशिया का सबसे बड़ा महोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इससे पहले नाटक द डेथ ऑफ गैलीलियो का चयन राजस्थान के सबसे बड़े नाट्य महोत्सव जयरंगम जयपुर रंगमंच महोत्सव में हुआ है।


उससे पहले जयरंगम 2018 में टोंक के रंगकर्मियों ने नाटक श्निरंतर एकलव्य का मंचन किया था। वर्ष 2017 से अभी तक जयरंगम जयपुर, बैकस्टेज थिएटर फेस्टिवल प्रयागराज, ब्लू थिएटर फेस्टिवल बीकानेर, अनुरंजन थिएटर फेस्टिवल ठाकुरनगर कोलकाता, नेशनल थिएटर फेस्टिवल खरदह कोलकाता, चतुरंग थिएटर कार्निवल कोलकाता, अंतर्राष्ट्रीय कला महोत्सव काफिला नोयडा आदि देश के नामी महोत्सवों में कम्यूनिटी थिएटर टोंक समूह ने अपनी प्रस्तुतियां मंचित कर शहर का नाम रोशन किया है।

यह था थियेटर का उद्देश्य


कम्यूनिटी थिएटर टोंक की स्थापना स्थानीय युवाओं, शिक्षक एवं सामुदायिक सदस्यों के साथ मई 2016 में रंगमच कार्यशाला के माध्यम से हुई। इसकी स्थापना के पीछे मुख्य मंशा यह रही है कि यह वैकल्पिक रंगमंच प्रशिक्षण प्रक्रियाओं का एक उत्कृष्ट संस्थान के रूप में उभरे। रंगमंच और सामाजिक जीवन के अंतरसम्बन्धों को प्रायोगिक पड़ताल के अवसर बने।

दर्शकों में संवाद स्थापित करने के नए रंगमंचीय सौदर्यशास्त्रीय शैलियों का निर्माण किया जा सके। साथ ही स्थानीय सामुदायिक मुद्दों पर जागरूकता प्रसार के लिए जिले के कई स्थानों और स्कूलों में नियमित और प्रभावकारी प्रस्तुतियां करती है। इसमें कोविड वैक्सीन जागरूकता अभियान, मतदान जागरूकता, महात्मा गांधी के विचारों पर जन संवादिक नाट्य प्रस्तुतियां, बालिका शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम अभियान पर आधारित लगभग 100 से भी ज्यादा प्रस्तुतियां निम्न रही है।


यह है नाटक


नाटक का ढांचा और इसकी भाषा में समसामयिक समाज की जवान चिंताएं रंगमंचीय लिबास में परिलक्षित होती हुई दिखेगी। साथ ही नाटक के गहन तल में वर्तमान समय की अकुलाहट इस नाटक के संगीत में भरसक सुनाई पड़ेगी जो हमारे विवेक की गुहार में जुटी हुई हैं।

यह नाटक अंधेरे गलिहारों में विवेक की कानाफूसी है और हमारे समय के साथ अन्तरू संवाद का आह्वान है। गैलीलियो की मृत्यु नाटक का मुख्य कथानक रात के समय का है जो भोर तक चलता है। बेर्टोल्ट ब्रेष्ट का नाटक गैलीलियो का जीवन, गैलीलियो के नजरबंद होने और उसके गृह कारावास की कहानी है। जहां वो अपनी पुस्तक लिखते हैं और चुपके से उसे इटली के बाहर भेजते हैं।

यह करेंगे मंचन


नाटक में मंच पर गैलीलियो का मुख्य किरदार रामरतन गुगलिया, सूत्रधार एवं विजय के पात्र में आशीष धाप, योगिंदर और हिटलर का किरदार आफताब नूर, बलवीर एवं सन्यासी चितरंजन नामा, ध्यान और पादरी नीलेश तसेरा, विहान और एस्ट्रोनॉमर शुभम मेघवंशी, एंड्रियाए पॉप एवं जर्नलिस्ट का पात्र मोहित वैष्णव, अमन तसेरा ने ब्रूनो तथा रायना राहा रजक के द्वारा ब्रूनो की मां का किरदार निभाया। नाटक का निर्देशन राजकुमार रजक ने किया है।

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