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सरकारी नौकरी पाए ग्रामीणों ने गांव में खोली नि:शुल्क लाइब्रेरी, 6 गांंव को मिल रहा फायदा

ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई

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सरकारी नौकरी पाए ग्रामीणों ने गांव में खोली नि:शुल्क लाइब्रेरी, 6 गांंव को मिल रहा फायदा

सरकारी नौकरी पाए ग्रामीणों ने गांव में खोली नि:शुल्क लाइब्रेरी, 6 गांंव को मिल रहा फायदा

दूनी. तहसील के टोकरावास पंचायत मुख्यालय निवासी युवाओं एवं ग्रामीणों ने घर-घर जाकर कड़ी मेहनतकर लोगों के जेहन में शिक्षा की अलख जगा जागरूक किया और यहां नि:शुल्क शिक्षा लाइब्रेरी की शुरुआत कर दी। शुरू की गई लाइब्रेरी के शैक्षणिक, सुविधायुक्त एवं शांत माहौल में मुख्यालय सहित आधा दर्जन गांव के विद्यार्थी प्रतिदिन प्रतियोगी परीक्षा सहित बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने में लगे है।
उल्लेखनीय है कि टोकरावास के युवाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नई दिशा देकर उज्ज्वल भविष्य बना परिवार, समाज एवं गांव का नाम देश-प्रदेश में रोशन करने को लेकर गत वर्ष स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के समक्ष नि:शुल्क शिक्षा लाइब्रेरी का प्रस्ताव रखा, प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सभी ने शिक्षा लाइब्रेरी शुरू करने का अनुमोदन किया। युवाओं सहित ग्रामीणों ने घर-घर लोगों को जागरूक कर सहयोग राशि एकत्रित करनी शुरू की, साथ ही पंचायत प्रशासन से भवन की मांग करने के बाद गांव चांदङ्क्षसहपुरा मार्ग स्थित माताजी मंदिर के पास जर्जर अवस्था में पड़े पुराने तीन कक्षों के पशु चिकित्सालय में शिक्षा लाइब्रेरी खोलना तय हुआ। एकत्रित राशि से जर्जर भवन की मरम्मत कराने के बाद फर्नीचर, बैठक व्यवस्था एवं किताबों की व्यवस्था की गई। आखिरकार युवाओ एवं ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और 13 सितम्बर 2021 को गांव में विधिवत शिक्षा लाइब्रेरी की शुरुआत हो गई। युवाओ एवं ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार के साथ-साथ स्थानीय विधायक सहित जनप्रतिनिधि उक्त कार्य में सहयोग करे तो संभवतया ग्रामीण क्षेत्र में बालिका शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय पहल होगी।
मिशन बना अभियान
उल्लेखनीय है कि गांव में ही मंदिर की मरम्मत सहित रंग-रोगन कराने की चर्चा सामने आने पर एम्स हॉस्पीटल दिल्ली में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर सुखपाल मीणा एवं साथी मुरारी मीणा, मुकेश मीणा, प्रतापङ्क्षसह सोलंकी, महावीर मीणा, आशाराम कागंस, लेखराज बिलोत, ताराचंद बिलोत, ओमप्रकाश बैरागी सहित युवाओं एवं ग्रामीणों ने गांव में शिक्षा लाइब्रेरी खोलने का मानस बनाया। अब समस्या लोगों को जोडऩे की थी, इस पर युवाओं ने गांव के सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों सहित साथियों के मोबाइल नम्बर लेकर सोशल मीडिया पर मिशन लाइब्रेरी टोकरावास नाम से ग्रुप बनाकर कार्य शुरू कर दिया। ग्रुप से जुड़े लोग आपस में शिक्षा लाइब्रेरी खोलने को लेकर विचार सांझा करते और समय मिलने पर घर-घर जाकर राशि एकत्रित करने का कार्य करने लगे। उक्त दो महिनों के अथक प्रयास के बाद पुराने जर्जर तीन कक्षों के पशु चिकित्सालय भवन की मरम्मत करा रंग-रोगन कराने, फर्नीचर खरीदने के साथ ही विद्यार्थियों तक इसका प्रचार-प्रसार किया। इसी दौरान गांव में पदस्थापित भामाशाह शिक्षक राकजकुमार सेन ने 50 हजार राशि की पुस्तकें खरीद लाइब्रेरी को भेंटकर दी।
सुविधायुक्त शांत माहौल
टोकरावास में युवाओ एवं ग्रामीणों के सहयोग से खुली द्मशिक्षा लाइब्रेरी प्रभारी कमलेश मीणा ने बताया की शुरू होने के बाद प्रतिदिन आधा दर्जन आकोडिय़ा, ज्योतीपुरा, खरोई, टोकरावास, चांदङ्क्षसहपुरा सहित आधा दर्जन गांव के दर्जनों गांव के विद्यार्थी यहा आकर सुविधायुक्त एवं शांत माहौल में शिक्षण कार्य कर रहे है।

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