4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सडक़ पर सब्जी व दूध उड़ेलने के मामले में आरोपी सरपंच सहित 16 को भेजा जेल

न्यायालय ने लिया प्रसंज्ञान, मामले की सुनवाई सेशन न्यायालय को की प्रेेेेषित
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Madhulika Singh

•

Updated: 27 Jun 2018, 7:28 PM IST

jail

सडक़ पर सब्जी व दूध उड़ेलने के मामले में आरोपी सरपंच सहित 16 को भेजा जेल

कमलाशंकर श्रीमाली/ कानोड़ . पिछले दिनों किसान आंदोलन के दौरान बड़ीसादड़ी मण्डी से सब्जी लेकर लौट रहे व्यापारियों की सब्जियां व दूधियों का दूध सडक़ों पर उड़ेलने के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेते हुए 16 आरोपियों को जेल भेज दिया।
सारंगपुरा सरपंच उदयलाल जाट सहित सारंगपुरा व बड़ा राजपुरा के 16 आरोपियों को नामजद करते हुए मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायाधीश राकेश रामावत ने धारा 395 आईपीसी जोड़ अहम फैसला सुनाते हुए सभी को जेल भेजने के आदेश दिए। साथ ही मामले की सुनवाई सेशन न्यायालय को पे्रषित कर दी गई है। गौरतलब है कि गत दिनों पुलिस ने मामले को जमानती काबिल मानते हुए सभी को जमानत पर रिहा कर दिया था।

READ MORE : पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास की तबियत खराब, उदयपुर के इस अस्पताल में चल रहा उपचार, कांग्रेसी हुए चिंतित

न्यायिक अभिरक्षा में
थानाधिकारी गजसिंह सिंसोदिया ने बताया कि मामले में प्रकाश उर्फ नीरज पुत्र नारायण लाल जाट, रमेश उर्फ रामश्वर पुत्र लखमीचंद जाट, रतनलाल पुत्र भगवान जाट, उदयलाल पुत्र कालू लाल जाट, किशनलाल पुत्र भैरूलाल जाट, सुरेश पुत्र भैरूलाल जाट, उदयलाल पुत्र भैरूलाल जाट, मगनीराम पुत्र भगवान जाट, हीरालाल पुत्र रतनलाल जाट, अर्जुन पुत्र सवराम, दिनेश पुत्र भैरूलाल जाट, ऊंकारलाल पुत्र छगन जाट, पुष्कर पुत्र नारायण जाट, कमलेश पुत्र दयाराम जाट, रामलाल पुत्र लच्छीराम जाट निवासी सारंगपुरा (कानोड़) व सुरेश पुत्र रतनलाल पाटीदार निवासी बड़ा राजपुरा को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया ।
यह है मामला
गत दिनों किसान आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने सुबह से ही प्रदर्शन करते हुए जशवंतपुरा, लूणदा, खेताखेड़ा आदि चौराहों पर सब्जी व दूध विक्रेताओं की सामग्री जबरन सडक़ पर उड़ेल दी थी। जिन व्यापारियों को नुकसान हुआ उन्होंने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर सभी की जमानत थाने में ले ली गई थी।