
उदयपुर . गरीब की रसोई तक खुशियां पहुंचाने में हमारा प्रदेश पीछे है। जो सब्सिडी किसी असहाय के घर में खुशियां ला सकती है, हम उसे छोडऩे को तैयार नहीं हैं। राज्य के करीब 83 प्रतिशत लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी नहीं छोड़ी यानी उनका सब्सिडी से मोह नहीं छूटा। सरकार की मंशा के अनुरूप प्रदेश इस माध्यम से किसी गरीब के घर में गैस चूल्हा जलवाने में पूरा योगदान नहीं दे पाया।
पूर्व में केन्द्र सरकार ने आमजन से अपील भी की थी कि जो भी व्यक्ति अपनी गैस सब्सिडी छोडऩा चाहता है, वह छोड़ सकता है। इसके लिए विशेष पोर्टल भी शुरू किया गया।वर्तमान में राजस्थान में 1.08 करोड़ एलपीजी ग्राहक हैं, जिनमें से 89.40 लाख उपभोक्ता गैस सब्सिडी ले रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 82.71 प्रतिशत लोग सब्सिडी ले रहे हैं। केवल 18 लाख 60 हजार लोगों ने ही अपनी सब्सिडी छोड़ी है।
अमिताभ बच्चन बोले...गरीब के घर खुशियां लाएं :
एलपीजी सब्सिडी छोडऩे के लिए भारतीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘गिव इट अप’ नाम का कार्यक्रम चला रहा है। इसके लिए अभिनेता अमिताभ बच्चन ने वीडियो के माध्यम से लोगों का आह्वान करते नजर आए कि हम छोटा सा योगदान देकर लोगों के घरों में खुशियां लाएं, हम किसी को कुछ देते हैं, तो उसका आनन्द अलग होता है। हमारा एक छोटा सा योगदान किसी के घर में खुशियां ला सकता है, तो उससे बड़ी संतोष की बात नहीं हो सकती है। वह कहते है ‘आप अपनी गैस सब्सिडी छोडि़ए, किसी गरीब की रसोई में खुशियां जोडि़ए... ’
गिव इट अप : http://mylpg.in/ व www.givitup.in/ के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी सब्सिडी छोड़ सकता है। यदि किसी को इस पोर्टल पर समझ में नहीं आता है, तो वह अपने गैस वितरक से भी इस बारे में सम्पर्क कर सकता है। इस कैंपेन के माध्यम से जिसके घर में चूल्हों का धुआं भरा रहता था, उनके घरों में अब नि:शुल्क कनेक्शन उपलब्ध करवाने की शुरुआत हुई है।
कई बार बोले प्रधानमंत्री...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गिवइटअप कैम्पेन की बात की थी, उन्होंने कहा कि जिसके पास गैस उपलब्ध नहीं है, ऐसे गरीबों को इस राशि से गैस उपलब्ध होगी। उन्होंने दिल्ली इकोनोमिक्स कॉन्क्लेव और ऊर्जा संगम में कहा कि देश के 4 मिलियन लोगों ने अपनी सब्सिड़ी लेना बंद किया है। 69 स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा कि 20 लाख लोगों ने सब्सिड़ी छोड़ी थी, गरीब कल्याण के लिए केवल सक्षम ही नहीं सामान्य परिवार के लोगों ने भी यह राशि छोड़ी है।
सब्सिडी को लेकर पूरा नियंत्रण ऑयल कंपनियां स्वयं कर रही है। फिलहाल उपभोक्ताओं की किसी शिकायत का हम तत्काल निवारण करते है, लेकिन सब्सिडी किसी भी जिला रसद अधिकारी का सीधा जुड़ाव नहीं है।
बनवारीलाल मीणा, जिला रसद अधिकारी, उदयपुर
Published on:
19 Dec 2017 04:09 pm

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