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निवेश के नाम पर 1.30 करोड़ की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई उदयपुर. क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर निवेश का झांसा देकर की गई 1.30 करोड़ की ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला शहर के दवा व्यवसायी देवीलाल सालवी से जुड़ा है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में आरोपी 19 वर्षीय दौलतपुरा निंदर बैनाड़ हरमाड़ा जयपुर […]

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मामला शहर के दवा व्यवसायी देवीलाल सालवी से जुड़ा है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में आरोपी 19 वर्षीय दौलतपुरा निंदर बैनाड़ हरमाड़ा जयपुर निवासी पवन कुमार अटल रेगर को गिरफ्तार किया।

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साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई

उदयपुर. क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर निवेश का झांसा देकर की गई 1.30 करोड़ की ठगी के मामले में साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला शहर के दवा व्यवसायी देवीलाल सालवी से जुड़ा है। साइबर थाना पुलिस ने मामले में आरोपी 19 वर्षीय दौलतपुरा निंदर बैनाड़ हरमाड़ा जयपुर निवासी पवन कुमार अटल रेगर को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। मामले में एक आरोपी को पहले गिरफ्तार कर लिया था।

जानकारी के अनुसार दवा व्यवसायी सांई विहार राधा कृष्णा वाटिका कोला मगरी गोकुल विलेज निवासी देवीलाल सालवी पुत्र शंकरलाल सालवी ने रिपोर्ट दी थी। जून 2025 में अज्ञात व्यक्ति का वॉट्सएप कॉल आया। कॉलर ने खुद को क्रॉस रोड बंगलौर (कर्नाटक) में लॉजिस्टिक एंड वेयरहाउस के साथ हेल्थ फिटनेस एक्यूमेंट्स का काम करने के बारे में बताया। उदयपुर में काम शुरू करने की इच्छा जाहिर की और बताया कि कंपनी की सीईओ भव्या सक्सेना है। महिला ने काम के बारे में बताया तो इनकार कर दिया। कॉल करने वालों ने पहले ही काफी जानकारी जुटा रखी थी। कहा कि सारा सेटअप और इन्वेस्टमेंट हमारा होगा, आपको उदयपुर में सिर्फ जगह देखनी है, जहां वेयरहाउस बनाना और काम संभालना है। लोकल में काम देखने का 25 प्रतिशत वर्किंग पार्टनर रखेंगे। कई बार कॉल करके उदयपुर में प्रतिष्ठित व्यापारी, हॉस्पिटल, ट्रांसपोर्टर, फिटनेस सेंटर के साथ काम बताया। एक अन्य काम बताया, जिसे कॉइनेक्स और कॉइन्डएक्स क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर ट्रेड बिजनेस करके मेंटेन रखने की बात कही। काम से जुड़े बातें करके उलझाते रहे। आखिर निवेश के लिए मजबूर किया और झांसे में लेकर कॉइनेक्स प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड करवाया। शुरुआत में 6 जुलाई 2025 को 1 लाख और 7 जुलाई को 1 लाख ऑनलाइन इनवेस्ट कराए। बदले में 19 हजार 800 का मुनाफा बताया। इस प्रकार 6 से 25 जुलाई तक 54.50 लाख निवेश करवा दिए। विड्रोल करना चाहा तो मना कर दिया और मदद के बहाने 15 लाख ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म आईडी पर ट्रांसफर कर दिए। झूठा लाभ दिखाकर फंसाते रहे। बार बार विड्रॉल करने की कहने पर भी टालते रहे। बोनस लाभ को निरस्त करने की बात करके उलझाए रखा। इनकार करने पर भी दबाव बनाया तो 14 अगस्त 2025 को 15 लाख और निवेश करने पड़े। फिर निवेश राशि डूबने का डर दिखाया तो 18 अगस्त को 17.50 लाख और 22 अगस्त को 43 लाख और जमा कराए। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हवाला देकर 44 लाख रुपए और मांगे। आखिर परेशान होकर देवीलाल ने साइबर क्राइम पोर्टल पर 28 सितम्बर 2025 को 1.30 करोड़ ठगी की शिकायत दर्ज कराई।