
उदयपुर में स्टाम्प वेंडर पर हुई फायरिंग के मुख्य आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा, कुख्यात अपराधी आजम से था संपर्क में
उदयपुर . मधुवन में स्टाम्प वेंडर पर फायरिंग के मुख्य आरोपी नरेश गिरी एवं एक अन्य को हाथीपोल थाना पुलिस ने स्पेशल टीम की मदद से धरदबोचा। आरोपी ने कुख्यात अपराधी आजम से सम्पर्क कर फायरिंग के लिए उसके गुर्गों को 25 हजार रुपए दिए थे। आजम के कहने पर बाहर से आए गुर्गे सोहनपुरी पर एवं अन्य जगह फायरिंग की। पुलिस अभी गुर्गों की पहचान में जुटी है।
सूरजपोल थानान्तर्गत माली कॉलोनी निवासी सोहनपुरी पुत्र नंदपुरी गोस्वामी पर फायरिंग के मामले में उसके साडू के पुत्र लोयरा निवासी नरेशगिरी पुत्र शंकरगिरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया। तलाशी में पुलिस को आरोपी के पास लोडेड पिस्टल मय दो कारतूस मिले। पूछताछ में उसने यह पिस्टल पालड़ी निवासी गोविंद पुत्र जयसिंह से पचास हजार रुपए में खरीदना बताया। आरोपी नरेशगिरी ने जमीन विवाद में गत दिनों सोहनपुरी को धमकाने के लिए आजम से मोबाइल से सम्पर्क किया था। इस काम के उसने आजम के गुर्गे को 25 हजार रुपए दिए। बाद में गुर्गे ने गत 28 मई को रजिस्ट्री कार्यालय (द्वितीय) के बाहर स्टाम्प वेंडर सोहनपुरी पर फायर कर दिया था।
मांगी थी फिरौती
सोहनपुरी ने बयानों में बताया था कि उसके ससुर मोहनपुरी की माली कॉलोनी में जमीन है। उसको लेकर पूर्व में नरेश जान से मारने की धमकी देते हुए झगड़ा कर चुका है। सोहनपुरी पर वारदात के बाद आजम के गुर्गों ने मीरा गल्र्स कॉलेज मार्ग पर राधेश्याम सोनी के कार्यालय में जाकर पिस्टल से धमकाते हुए फिरौती मांगी थी। नरेशगिरी के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी व फिरौती के तीन प्रकरण दर्ज हैं।
अवैध हिरासत के मामले में डीएसपी ने दिया जवाब
उदयपुर. फायरिंग की घटना के बाद आरोपी आजम के भाइयों व उसके चाचा को अवैध हिरासत में रखने के संबंध में परिवाद पर गुरुवार को एसपी की ओर से डीएसपी भंवरसिंह हाड़ा ने कोर्ट में जवाब पेश किया। डीएसपी ने कोर्ट को बताया कि प्रोपर्टी डीलर की घटना के बाद आजम के दो भाई व चाचा को 7 जून को लाए थे, पूछताछ के बाद उन्हें उसी दिन छोड़ दिया गया था। तीनों घर वालों को बताए बगैर अजमेर चले गए थे। वहां से लौटने पर घर वालों को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि आजम की मां हुसैना बानो ने कोर्ट में परिवाद पेश कर हिरणमगरी और धानमंडी पुलिस पर बेटे और देवर को अवैध हिरासत में रखकर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 12 जून को दोनों थानों से जवाब तलब किया था। परिवादिया ने जवाब से असंतुष्टि जताई तो न्यायालय ने एसपी से जवाब मांगा था।
Published on:
15 Jun 2018 02:04 pm

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