
अमरसिंह की उदयपुर यात्रा की एक तस्वीर।
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. राज्यसभा सदस्य अमर सिंह का उदयपुर से बड़ा नाता रहा है। वे उदयपुर में यहां महाराणा प्रताप के ऐतिहासिक स्थलों पर जरूर जाते थे। प्रताप के स्थलों के विकास को लेकर बड़ी चिंतित रहते थे।
सिह उदयपुर में 10 नवम्बर 2018 को सेवा भारती हॉस्पिटल के दीपावली स्नेह मिलन समारोह में आए थे। वे हॉस्पिटल में भी करीब तीन बार गए थे। उन्होंने सेवा के लिए सहयोग भी दिया था। वे जनवरी 2019 में भी चावंड में महाराणा प्रताप की समाधि स्थल पर आए थे तब वे लडखड़़ाते हुए सीढिय़ों से गिर गए थे।
सेवा भारती हॉस्पिटल के प्रबन्ध निदेशक यशवन्त पालीवाल बताते है कि अमर सिंह बेहद ही जिंदादिल इंसान थे। प्रताप के स्थलों को देख कर उन्हें विकसित करने के बारे में भी वे बहुत चिन्ता करते थे। सिंगापुर में अस्पताल में उपचार चलते हुए भी वे फोन पर वार्ता करते समय सेवा भारती के कार्यो को लेकर बात जरूर करते थे। उदयपुर जब भी आते तब वे मनोहर सिंह कृष्णावत के यहां जरूर जाते थे। सकल राजपूत महासभा के संरक्षक तनवीर सिंह कृष्णावत ने बताया कि उनको जब भी समय मिलता था वह उदयपुर आते थे।
पिछोला किनारे रिंग रोड का बचा कार्य संभव नहीं
पिछोला झील किनारे रिंग रोड बनाने के लिए 550 मीटर की लम्बाई में रिंग रोड बनाने का कार्य संभव नहीं है क्योंकि इसमें खातेदारी जमीन है। मावली विधायक धर्मनारायण जोशी के सवाल पर सरकार ने जो लिखित जवाब भेजा उसमें यह बताया।
Published on:
02 Aug 2020 02:22 pm

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