
चामुंडा माता रोड स्थित निर्माणाधीन फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते अधिकारी
कानोड़. जलदाय विभाग के स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते आमजन को हो रही समस्याओं को लेकर बुधवार को जलदाय विभाग के अधिकारी कानोड़ पहुंचे और विभाग के जल स्रोत के साथ ही निर्माणाधीन कार्य व्यवस्था को जांचा। सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रविन्द्र चौधरी, अधिशासी अभियंता हितेश मीणा, सहायक अभियंता परसाराम बिजारणियां, नितिन कुदाल ने निर्माणाधीन फिल्टर प्लांट, घोड़ा दो बांध, पीपलवास एनिकट, नाहर सागर सहित जल स्रोत की स्थिति को देखकर आगामी गर्मी के दिनों में आम लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की रूपरेखा तैयार की।
उल्लेखनीय है कि आमजन की प्रमुख पेयजल किल्लत व टूटी सड़क से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने गत 18 जनवरी 2025 को Òलीकेज सुधारने को बोला तो कनेक्शन काटने की दी धमकी, नगर वासियों ने रुकवाया कार्यÓ, 21 जनवरी को Òविभाग की उदासीनता रख रही लोगों को प्यासा, जलाशय में काफी पानी, अधिकारी बता रहे कमीÓ सिलसिलेवार खबरों का प्रमुखता से प्रकाशन किया। जिसके बाद आखिरकार विभाग के अधिकारी हरकत में आए और मौके पर सुध लेने पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए कि विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने विभाग के अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता को भी नगर में विभाग द्वारा की जा रही पेयजल सप्लाई व अव्यवस्था की हकीकत से अंधेरे में रखा। अधिकारियों के आने की भनक पाते ही स्थानीय पूर्व पार्षद कोमल कमरिया व अभय कुमार बाबेल मौके पर पहुंचे और विभाग के अधिकारियों को हकीकत से अवगत कराया और आम उपभोक्ताओं के लिए पेयजल की व्यवस्थाओं की स्थिति बताई। स्थानीय लोगों ने जोशीले तालाब का पानी स्वच्छ बनाकर उपयोग में लेने के साथ बंद फिल्टर प्लांट से हो रही सीधी सप्लाई के बारे में भी अधिकारियों को बताया। पाइपलाइन बिछाने के लिए नगर में तोड़ी गई सड़क, जगह-जगह हो रहे लीकेज की स्थिति आदि को बताया। लोगों को कहना है कि या तो अधिकारी को गुपचुप तरीके से अच्छी व्यवस्था ही दिखाई जा रही है या फिर सभी की मिलीभगत से पर्याप्त पेयजल होने के बावजूद उपभोक्ताओं को प्यास रखा जा रहा है। जिस ठेकेदार का मार्च महीने में पूरा होना था, वह अभी तक नहीं हो पाया है। लेकिन विभाग इस पर मौन है।
हमने जल स्रोतों को देखकर गर्मी की प्लानिंग की है, कहां से पानी ले सकते है, ट्यूबवेल ओपन वेल से पानी ले रहे है। कोशिश है कि गर्मी सही निकले, नई लाइन डालने से सड़क टूटती है, रेगुलर मॉनिटरिंग कर रहे है, और ठीक करवा रहे है।
-रविन्द्र चौधरी, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग उदयपुर
Updated on:
05 Feb 2025 11:45 pm
Published on:
05 Feb 2025 11:44 pm

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