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मिलिए, लेकसिटी की बार्बी नहीं…बाइकर गर्ल्स से, बिंदास अंदाज और रफ एंड टफ लाइफ स्टाइल

शहर में कई लड़कियों को बाइकिंग का है शौक, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों को नाप चुकीं तो सोलो ट्रेवल भी कर रही, कुछ बना चुकीं रेकॉर्ड

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अक्सर लड़कियों की तुलना बार्बी डॉल से की जाती है, उन्हें नाजुक माना जाता है, पिंक कलर फेवरेट होता है और मेकअप करना उनकी हॉबी समझा जाता है, लेकिन ये सभी धारणाएं उदयपुर की बाइकर गर्ल्स से मिलकर गलत साबित हो जाती हैं। ये लड़कियां बार्बी नहीं बल्कि बाइक पसंद करती हैं। बिंदास अंदाज में रहना पसंद करती हैं तो रफ एंड टफ लाइफ स्टाइल जीती हैं। बाइकिंग की ऐसी शौकीन हैं कि बाइकिंग क्लब्स की मेंबर्स हैं। वहीं, मैदानी इलाकों के अलावा ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और दुर्गम स्थलों पर भी बाइक राइडिंग कर चुकी हैं। कुछ तो सोलो ट्रेवल करने निकल पड़ती हैं।

पहाड़ों पर बाइक राइडिंग करना किसी थ्रिल और एडवेंचर से कम नहीं- फोटो है..

रूपीना अरोड़ा ने बताया कि वे फ्रीलांसर आइटी प्राेफेशनल हैं और सोशल एक्टिविस्ट भी। उन्हें बाइक राइडिंग का शौक है और अक्सर सोलो ट्रेवलिंग करती हैं। बाइक राइडिंग ग्रुप से भी जुड़ी हुई हैं, जो अक्सर टूर्स पर जाते रहते हैं। पहाड़ों पर बाइक राइडिंग करना उनके लिए किसी थ्रिल और एडवेंचर से कम नहीं। उन्होंने मार्च में भारतीय सेना की ओर से 'ऑल वीमन सेकरेड मोटरबाइक टूर एक्सपीडिशन में भाग लिया। उनका चयन माइनस 28 डिग्री तापमान की वेदर कंडीशंस में बाइक राइडिंग स्किल्स के आधार पर हुआ। लगभग 100 महिलाओं में से 25 चुनी गई थीं, जिसमें राजस्थान और उदयपुर से वे इकलौती राइडर थीं। ये करीब 1000 किमी का सफर था।-----

बाइक टूर्स के जरिए सोशल अवेयरनेस का देती हैं मैसेज -

नीतू चोपड़ा, एक ऐसी महिला राइडर हैं, जो महिला सशक्तिकरण की आवाज को बुलंद करने के मकसद से जागरूकता के लिए सड़कों पर निकल पड़ती हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4600 किमी सोलो राइड कर लड़कियों को घर से बाहर निकलो का संदेश देने वाली उदयपुर की नीतू चोपड़ा का नाम वल्र्ड रेकॉर्ड में दर्ज किया जा चुका है। नीतू ने पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे भारत की बाइक यात्रा की है। राइड फॉर यूथ अवेयरनेस अभियान के तहत 20 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया। उन्होंने अपना ग्रेजुएशन उदयपुर के कॉलेज ऑफ होम साइंस, एमपीयूएटी से किया। एचआर में एमबीए भी किया है।

खारदुंगला, लेह में सबसे मुश्किल सड़क यात्रा सोलो राइडिंग से की पूरी

आहुति आमेटा ने हाल ही लद्दाख की सोलो बाइकिंग यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। आहुति ने बताया कि उन्हें बाइक राइडिंग का काफी शौक है। वे अभी बेंगलूरू से फॉरेंसिक साइंस में बीएससी कर रही हैं। इसके साथ ही बाइकिंग का शौक भी पूरा करती रहती हैं। उदयपुर जब भी आती हैं तो आसपास के डेस्टिनेशंस पर दोस्तों के साथ बाइक पर निकल पड़ती हैं। हाल ही उन्होंने लेह-लद्दाख में रॉयल एनफील्ड हिमालयन 411 सीसी पर 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की थी। उन्होंने खारदुंगला (18380 फीट), नुब्रा घाटी, शयोक घाटी और पैंगोंग झील पर सबसे खतरनाक सड़क यात्रा में से एक को 2 रातों और 3 दिनों के भीतर पूरा किया। आहुत ने बताया कि वे अभी मात्र 19 साल की हैं तो ये उनकी पहली सोलो राइड थी, जो इतनी कम उम्र में पूरी की। उनकी इच्छा है कि वे ऐसी ही कई एडवेंचर टूर्स पर जाएं।

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