
करोड़पति बनने के चक्कर में कंगाल हुए उदयपुरवासी, 8 हजार लोगों के डूबे करीब 15 करोड़ रुपए
मोहम्मद इलियास / उदयपुर . करोड़पति बनने की चाह में उदयपुर में कई लोग बिट कॉइन एवं ऐसी ही क्रिप्टो करेंसी (आभासी मुद्रा) में करोड़ों रुपए लगाकर डूब गए। चेन स्कीम में एक-दूसरे से जुड़े ये लोग अब पैसों के लिए एजेन्टों व सदस्यों की गिरेबां पकड़ कर उनसे झगड़ा-फसाद कर रहे हैं।प्रारंभिक जांच के अनुसार उदयपुर में क्रिप्टो करेंसी के जाल में करीब 8 हजार से अधिक लोगों के 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि डूबी है।
जानकारों के अनुसार बिट कॉइन की तर्ज पर देश में 900 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी चल रही है। राजस्थान के कई लोगों ने बीटीएस, एडीएस में पौंजी स्कीम में पैसा लगया। जनवरी 2017 में शुरू हुई क्रिप्टोकरेंसी में छह माह पहले पैसा आना बंद हो गया। एजेन्टों ने नया नाम देकर नई स्कीम शुरू कर दी, उसमें पैसा आते ही बंद कर दिया।
24 हजार से 8 लाख तक की राशि का निवेश
लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी स्कीम में 24 हजार से लेकर अधिकतम 8 लाख तक पैसा निवेश किया। इन स्कीमों तिगुना लाभांश का वादा किया गया था। प्रतिदिन हर खाते में तीन डॉलर आए।इस स्कीम में जुडऩे वालों में आमजन, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, पुलिस और वकील तक शामिल हैं।
बिटकॉइन मामले में धोखाधड़ी का एक प्रकरण में अम्बामाता थाने में दर्ज है। और मामले आएंगे तो जांच की जाएगी।
राजेन्द्रप्रसाद गोयल, एसपी
कहीं भी हो सकता है भुगतान
क्रिप्टो करेंसी ऑनलाइन चलने वाली वर्चुअल करेंसी है। इसकी शुरुआत 2009 में बिटकॉइन के नाम से हुई थी। इसके बाद कई तरह की क्रिप्टो करेंसी मार्केट में आ गई। वर्तमान में कई कंपनियां बिटकॉइन की तर्ज पर चल रही हैं। इस करेंसी का इस्तेमाल कर दुनिया के किसी भी कोने में किसी भी व्यक्ति को पेमेंट किया जा सकता है। भुगतान के लिए किसी बैंक की जरूरत नहीं पड़ती है। यह पीयर टू पीयर टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
Published on:
31 May 2018 03:08 pm
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