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कद्रदानों की वजह से आबाद ‘किताबों के घर’ डिजिटल की राह पर

विश्व पुस्तक दिवस पर विशेष: सरस्वती लाइब्रेरी में 90 हजार पुस्तकों का संग्रह
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उदयपुर

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Abhishek Srivastava

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Updated: 14 May 2025, 7:52 PM IST

उदयपुर. लाइब्रेरी में बड़े से एक टेबल पर बैठकर कई लोग शांति से रुचिनुसार किताबों को पढ़ते थे। यह दौर अब थमता नजर आ रहा है। अब लाइब्रेरीज डिजिटल होने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए अधिक उपयोग में आने लगी है। इन लाइब्रेरीज में ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी है। जिनमें देश-विदेश की करोड़ों बुक्स को कुछ ही क्लिक से पढ़ा जा सकता है। इसके साथ ही लाइब्रेरिज द्वारा सदस्यों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ ही अलग से स्पेस भी दिया जा रहा है। ऐसे में अधिकतर युवा इनका उपयोग पढ़ने के लिए करने लगे हैं।

शहर में कई स्थानों पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए कई निजी लाइब्रेरी भी खुल चुकी है। उनमें किताबें नहीं होती केवल शांत वातावरण में पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसी तर्ज पर सरकारी लाइब्रेरी में भी किताबों के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ने के लिए आधुनिक सुविधायुक्त शांत वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की ओर से संचालित गुलाबबाग स्थित सरस्वती लाइब्रेरी, मोहता पार्क स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की लाइब्रेरी और अशोक नगर स्थित नगर निगम की लाइब्रेरी में भी पूरे दिन युवाओं की खासी भीड़ दिखाई देती है। ये सुबह से शाम तक लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करते हैं।

ई-लाइब्रेरी में 8 से 10 करोड़ किताबें

नगर निगम की अशोक नगर स्थित ई-पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्ष राव भगवत सिंह ने बताया कि इस लाइब्रेरी में 70 हजार किताबें हैं। इसके सवा चार सौ से अधिक सदस्य हैं। जो नियमित रूप से एसी लाइब्रेरी में रसियन लिटरेचर, आर्किटेक, डांस म्यूजिक, एमबीबीएस, एनाटॉमी, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंट, हंटिंग सहित कई प्रकार की पुस्तकों को पढ़ते हैं और इश्यू करवाते हैं। यहां ई-लाइब्रेरी में 6 कम्प्यूटर है। उनमें 8 से 10 करोड़ पुस्तकों को पढ़ा जा सकता है। लाइब्रेरी की आजीवन सदस्यता 500 रुपए में दी जाती है।

पढ़ने वालों की भी कमी नहीं

सरस्वती लाइब्रेरी के पुस्तकालयाध्यक्ष कमल कुमार दक ने बताया कि सरस्वती लाइब्रेरी में 90 हजार किताबें हैं। यहां करीब एक हजार 900 आजीवन सदस्य हैं। इनमें से अधिकतर सदस्य सक्रिय है जो नियमित बुक इश्यू करवाते हैं। लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए अलग से स्पेस तैयार किया है। जिसमें 500 से अधिक सदस्य है। इनमें अधिकतर युवा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। लाइब्रेरी की पुस्तकों को कम्प्यूटर पर चढ़ाया जा रहा है।

ये सुविधाएं दी जा रही

सरस्वती लाइब्रेरी के मनोज त्रिपाठी ने बताया कि आजीवन सदस्यों के लिए 600 रुपए फीस, इसमें 14 दिन के लिए किताबें इश्यू की जाती है। सदस्य लाइब्रेरी में बैठकर भी पढ़ सकते हैं। इसी प्रकार केवल रीडिंग रूम के लिए 200 रुपए सालाना चार्ज लिया जाता है। इसमें सदस्य सालभर एक अप्रेल से 31 मार्च तक रोजाना आकर पढ़ सकता है। रविवार और अवकाश रहता है।

रीडिंग रूम में ये सुविधाएं

रीडिंग रूम के प्रत्येक सदस्य के लिए अलग से पढ़ने का स्पेस है। यहां हर सदस्य को वाई-फाई सुविधा दी जाती है। ईयरफोन लगाकर मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। वाटर कूलर, पंखे आदि की सुविधा भी सदस्यों को दी जाती है। रीडिंग रूम की सुविधा मोहता पार्क स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में निशुल्क दी जाती है।