11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गोवर्धनविलास थानाधिकारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में प्रकरण दर्ज

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो
2 min read
Google source verification
गोवर्धनविलास थानाधिकारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में प्रकरण दर्ज

गोवर्धनविलास थानाधिकारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में प्रकरण दर्ज

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. गोवर्धनविलास थानाधिकारी चेनाराम और कांस्टेबल करण मेघवाल के खिलाफ एसीबी ने ढाई लाख रुपए मांगने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। ब्यूरो के डीआईजी हिंगलाजदान ने बताया कि एक प्रकरण में करीब ढाई लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में बांसवाड़ा एसीबी टीम ने ट्रेप का जाल बिछाया था। इस पर चेनाराम को इसकी भनक लग गई तो उन्होंने वह राशि नहीं ली, लेकिन एसीबी बांसवाड़ा की टीम ने रिश्वत लेने का सत्यापन कर लिया था।

----

जानकारी के अनुसार कुछ माह पहले बांसवाड़ा के खेरोदा क्षेत्र के एक खेर की लकड़ी भरा ट्रक पकड़ा गया था। इसमें बांसवाड़ा के एमबीसी के एक जवान विनोद द्वारा पुलिस बनकर एक लाख रुपए लेने की बात सामने आई थी। मामला गोवर्धन विलास थाने से जुड़ा था, इसलिए खेरोदा थाने ने इसे गोवर्धन विलास को सौंपा था। गोवर्धनविलास थाने से कांस्टेबल करण मेघवाल जवान विनोद के घर पहुंचा और उसने मेघवाल के पिता से साढ़े तीन लाख रुपए देने की बात कही थी, ताकि उसे गिरफ्तार नहीं करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने यह राशि तत्काल मांगी थी, बाद में बातचीत में यह राशि कम कर ढाई लाख कर दी गई, लेकिन उसकी व्यवस्था नहीं हो पाई। इस प्रकरण को लेकर विनोद के पिता ने एसीबी डीआईजी को इसकी शिकायत दी थी, प्रकरण बांसवाड़ा एसीबी को सौंपा गया, जिसमें थानाधिकारी चेनाराम और मेघवाल को ट्रेप करने के लिए जाल बिछाया गया, लेकिन राशि देने में देरी होने के कारण उन्हें शक हो गया। ऐसे में उन्होंने विनोद के पिता से ना तो फिर से फोन पर बात की और ना ही वह राशि ली, लेकिन बांसवाड़ा एसीबी ने 11 सितम्बर को रिश्वत मांगने का सत्यापन कर दिया था। प्रकरण में कार्रवाई बांसवाड़ा एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माधोसिंह के नेतृत्व में टीम ने सत्यापन किया था। प्रकरण की जांच चित्तौडगढ़़ जिले के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह को सौंपी है।