
निर्जल रह की छठ मैया की पूजा डूबते हुए सूर्य को दिया अघ्र्य ...
प्रमोद सोनी/उदयपुर. शहर की झीलों के किनारे शाम चार बजे से ही लोगों की चहल.पहल शुरू हो गई। बिहार के लोग विशेष पौशाकों में पूजा की सामग्री लेकर झीलों के किनारे पहुंचे। इस पूजन सामग्री से छठ मैया के जयकारे लगाते हुए पूजन किया गया। इसके साथ ही डूबते सूर्य को कच्चे दूध और गंगा जल फल फ्रूट से अघ्र्य दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। छठ पूजा के तहत फतहसागर झील के देवाली वाले छोर, रानी रोड मार्ग, गोवर्धन सागर, दूध तलाई सहित अन्य स्थानों पर छठ का पर्व मनाया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। व्रत करने वाले महिला श्रद्धालुओं ने माता छठ की पूजा करने के साथ ही झील के पानी में डुबकी लगाई। उन्होंने अस्तांचल को जाते सूर्य को अघ्र्य दिया। शाम को छठ मैया और सूर्य भगवान की पूजा करने के बाद श्रद्धालु घर लौट गए। व्रत करने वाले श्रद्धालुओं के घरों में रातभर भजन कीर्तन का दौर चला।
ये श्रद्धालु अल सुबह पुन: झील किनारे पहुंचें और यहां उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देकर सुख.समृद्धि की कामना की। छठ पूजा के दौरान फतहसागर रानी रोड़ छोर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ। जिसमें बिहारी समाज के बच्चों ने प्रस्तुतियां दी। इसके बाद बुधवार को उगते सूर्य की पूजा छठ पूजा के चार दिवसीय पर्व का समापन हुआ। इस दिन 36 घंटे निर्जल और निराहार रहकर व्रत कर रहे श्रद्धालु बुधवार को झीलों के किनारे पहुंचें। यहां उगते हुए सूर्य की पूजा करने के साथ ही कच्चे दूध, गंगा जल आदि से अघ्र्य दिया गया।
Updated on:
14 Nov 2018 01:33 pm
Published on:
14 Nov 2018 12:20 pm
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