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एमपीयूएटी में बना दी प्ला​स्टिक वेस्ट से सड़क, सीएम ने दी बधाई

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एमपीयूएटी को 15 माह में मिले 10 पेटेंट

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एमपीयूएटी में बना दी प्ला​स्टिक वेस्ट से सड़क, सीएम ने दी बधाई

एमपीयूएटी में बना दी प्ला​स्टिक वेस्ट से सड़क, सीएम ने दी बधाई

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को 15 माह में दस पेटेंट मिलने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बधाई दी है। कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए बधाई पत्र में उल्लेख किया है कि इस अवधि में 6 शोध कार्यों को भारतीय व 4 शोध कार्यों को आस्ट्रेलियाई पेटेंट प्राप्त हुए हैं। उच्च शिक्षण संस्था के शोधकर्ताओं की ओर से किए इस कार्य में संकल्पबद्धता, समर्पण, नवाचारों के प्रति सतत प्रयासों व उच्च शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मकता का परिचायक है। सीएम ने अन्य शिक्षण संस्थाओं के लिए भी इसे अनुकरणीय बताया है। सभी शोधार्थियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी है।ऐसे मिले पेटेंट

सिविल विभाग के डॉ त्रिलोक गुप्ता द्वारा सिंगल यूज्ड प्लास्टिक का सफलता पूर्वक उपयोग कर विभाग में ही सड़क का निर्माण किया है। वेस्ट टायर का पेवर ब्लॉक में उपयोग कर मजबूती प्रदान की गई है। गन्ने को जलाने के बाद बची हुई राख का फ्लोर टाइल बनाने की दिशा में भी कार्य किया है। गत 1 वर्ष में भारत एवं ऑस्ट्रेलियन सरकार द्वारा 9 पेटेंट प्राप्त किए हैं, जिनमें से 3 गत 3 माह में ही प्राप्त हुए हैं। शोध कार्य डी. एस. टी. नई दिल्ली, डी. एस. टी. जयपुर एवं टी. इ. क्यू. आई. पी.,एम. एच.आर. डी. नई दिल्ली से प्राप्त विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत किया है।विश्वविद्यालय के संगठक राजस्थान कृषि महाविद्यालय के मोलकुलर बायोलॉजी एवं बायो टेक्नोलॉजी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ.विनोद सहारण द्वारा यूरिया नैनो फार्मूलेशन के कंट्रोल रिलीज पर भारत सरकार से एक पेटेंट प्राप्त किया गया है। उनकी इस खोज से खेती मे यूरिया खाद का सदुपयोग होगा और इसके अपव्यय में कमी से कम मात्रा मे यूरिया के प्रयोग से फसल को पूरा लाभ मिलेगा और किसानों का खाद पर खर्च बचेगा।

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