
कोटा. कोरोना से गुजर रही दुनिया को लंबे समय से वैक्सीन का इंतजार है
भुवनेश पंड्या
उदयपुर. अगर सब कुछ ठीक रहा तो मार्च में कोरोना वैक्सीन आने के साथ ही सबसे पहले इसे चिकित्सकों से लेकर नर्सेज व नर्सिंग स्टूडेंट्स को लगाया जा सकता है। लोगों की जीवन की रक्षा करने वाले ये 'सिपाहीÓ यदि सुरक्षित होंगे तो पूरा समाज स्वत: ही सुरक्षित होगा। इसे लेकर सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। उदयपुर में भी सरकारी हॉस्पिटलों से लेकर निजी चिकित्सालयों के कार्मिकों के डेटा जुटाए जा रहे हैं,ताकि समय पर इन सभी को कोरोना का सुरक्षा कवच पहनाया जा सके।
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कोरोना वैक्सीन बेनफिशरी मैनेजमेंट सिस्टम तैयार
केन्द्र सरकार ने हैल्थ वर्कर के लिए खास तौर पर हैल्थ केयर मैंनेजमेंट इन्फोरमेशन सिस्टम (एचआईएमएस) पोर्टल तैयार कर रखा है। इसमें हर राज्य का प्रत्येक मेडिकल संस्थान इससे जुड़ा हुआ है। इसी में कोरोना वैक्सीन बेनफिशरी मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया गया है। इससे प्रत्येक हैल्थ वर्कर को जोड़ा जा रहा है। इसमें जिलेवार डेटा शामिल कर अपलोड करेंगे ताकि इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास रहे। इससे कोरोना वैक्सीन के टीके इन्हें लगने के बाद में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व पुरुषों को लगाए जाएंगे। इस सिस्टम से आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जा रहा है। इसमें वार्ड बॉय व लैब टेक्नीशियन भी जोड़े जा रहे हैं, इसमें ऐसे लोग प्राथमिकता से लिए जा रहे है, जो सीधे तौर पर कोरोना से लड़ रहे हैं।
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राजस्थान में 3322 सरकारी और 1800 निजी संस्थान जुड़ेंगे
उदयपुर में आरसीएचओ के माध्यम से ये डेटा संग्रहित हो रहे हैं। इसमें 151 सरकारी, जबकि 50 निजी चिकित्सकीय संस्थान हैं। इन सभी का डेटा केन्द्र के फोरमेट एचएमआईएस की साइट पर अपलोड किया जाएगा, इसी प्रकार राज्य के अन्य जिले भी साइट पर अपलोड करेंगे ताकि केन्द्र सरकार सभी राज्यों के डेटा की समीक्षा कर इस पर काम कर सके। इसके बाद केन्द्र राज्यों को निर्देशित करेगा। केन्द्र की इस पर गाइड लाइन पर राज्य सरकार निर्देश जारी करेगी। इसके बाद वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। प्रदेश में 3322 सरकारी और 1800 निजी संस्थान शामिल किए जा रहे हैं।
70 प्रतिशत आ चुका है डेटा
जिले में करीब 70 प्रतिशत डेटा आ चुका है। पूरा डेटा आते ही साइट पर अपलोड कर देंगे। कोरोना वैक्सीन को लेकर यह डेटा शामिल किए जा रहे हैं।
डॉ. अशोक आदित्य, आरसीएचओ, उदयपुर
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सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटलों से जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है ताकि समय पर उन्हें कोरोना वैक्सीन आने के साथ ही टीके लगाए जा सके। आरएनटी में करीब 700 चिकित्सक व दो हजार से अधिक नर्सेज शामिल हैं।
डॉ. लाखन पोसवाल, प्राचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर
Published on:
09 Nov 2020 07:30 am
