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उदयपुर/ सलूम्बर. हिन्दू धर्म में अग्नि को साक्षी मानकर 7 फेरे लेने और जीवनसाथी से जिंदगी में 7 वचन निभाने की परंपरा से हटकर कुछ नया करने की चाह में सलूम्बर उपखण्ड के गुवेड़ गांव में एक युवक-युवती की ओर से देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को साक्षी मानकर विवाह की रस्म पूरी की। बिना पंडित, अग्नि और अन्य धार्मिक रीति रिवाज से हटकर संविधान की शपथ लेकर विवाह का शायद यह पहला और अनूठा मामला होगा। रविवार को समाजजनों व परिजनों की उपस्थिति में हुए विवाह का यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
इससे पहले गुवेड़ गांव निवासी भैरूलाल मेघवाल की पुत्री गीता मेघवाल की गोपालपुर, सेमारी निवासी गोविंद पुत्र शंकरलाल मेघवाल से शादी तय हुई। तय दिन की सुबह बारात धूमधाम से गांव पहुंची और बैंड बाजों की धुन पर बाराती नाचते-गाते रहे। दोपहर को तोरण की रस्म भी आम शादियों की तरह पूरी की गई।
नवविवाहित को तस्वीर भेंट
पूरी शादी में खास रहा कि हवन कुण्ड और पंडित का कोई स्थान नहीं रहा। मंडप में भीमराव अंबेडकर की तस्वीर थी। तस्वीर के समक्ष परिजनों ने युवक-युवती को संविधान की शपथ दिलाई और तस्वीर के सात फेरे लिए। परिजनों ने नवविवाहित जोड़े को बाबा साहेब की तस्वीर भेंट की। बारातियों में भी विवाह के अनूठे अंदाज को लेकर चर्चा रही।
Published on:
18 Jun 2019 06:00 am

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