
उदयपुर . कच्छ के रण क्षेत्र में बेची गई नाबालिग से कई बार हुए बलात्कार के मामले में आखिरकार पुलिस ने संजीदगी दिखाई और सोमवार को उसका महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल करवाया। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिल सकी है। दूसरी ओर पुलिस की ओर से पेश प्रार्थना-पत्र पर अदालत ने समन जारी कर 14 फरवरी को पीडि़ता के बयान दर्ज करने के लिए तारीख मुकर्रर की। इससे पूर्व काफी तलाश के बाद फलासिया थाना पुलिस को पीडि़ता एवं उसका परिवार सोमवार सुबह 11 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर मिला।
पुलिस का मानना है कि कुछ लोग कानूनी प्रक्रिया को बाधित करने में सक्रिय हैं। इसलिए पीडि़ता को पुलिस को सौंपने की बजाय मामले को तूल पकड़ाने में लगे हुए हैं। इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा के नेतृत्व में पंकज कुमार शर्मा, मुजीब सिद्दीकी, राजेन्द्र बारहठ, निकुंज पटेल, मनोज रोत, उमेश मीणा, अभिषेक मीणा सहित अन्य पदाधिकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक के नाम एएसपी हर्ष रत्नू को ज्ञापन देकर पीडि़ता के मामले में पुलिस की ओर से ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।साथ ही वारदात में लिप्त आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर मांग दोहराई।
पुलिस रही परेशान
राजस्थान पत्रिका में घटना का खुलासा होने के बाद से करीब 24 घंटे तक फलासिया थाना पुलिस मेडिकल को लेकर परिजनों की तलाश करती रही। इस बीच, पीडि़ता उसके परिवार के साथ मूल निवास क्षेत्र छोडकऱ उदयपुर में बनी रही। कुछ लोगों की मध्यस्थता के चलते पीडि़त परिवार पुलिस से बचता रहा या यूं कहें कि पुलिस की अब तक निष्क्रियता के बीच भयभीत रहा। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कलक्ट्रेट परिसर से पीडि़ता को साथ लिया और बिना देर लगाए मेडिकल करवाया।
बकौल चिकित्सक पीडि़ता के साथ लंबे समय तक बलात्कार होता रहा है। अब पुलिस मामले में पीडि़ता के बयान होने का इंतजार कर रही है। बयानों में सामने आने वाले आरोपितों के नामों के बाद पुलिस अगली कार्रवाई को लेकर तैयारी कर रही है।
Published on:
13 Feb 2018 03:34 pm
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