
जोधपुर . समाज कल्याण विभाग, जोधपुर के अधिकारियों ने सोशल मीडिया का प्रयोग कर जोधपुर के मंडोर स्थित नारी निकेतन की आवासनी गीता को उसके परिवार से मिलाने में कामयाबी हासिल की है।
उपखण्ड मजिस्ट्रेट, देसूरी के आदेश से 19 सितम्बर 2017 को गीता पुत्री हवाराम गमेती को नारी निकेतन में प्रवेश दिया गया था। मानसिक रूप से परेशान गीता अद्र्धविक्षिप्त लावारिस हालात में घाणेराव कस्बे में मिली थी। उस समय वह बोलने में असमर्थ थी और अपना नाम पता नहीं बता पा रही थी।
लगातार काउंसलिंग के बाद उसने अपने घर परिवार का विवरण बताया गया। उस विवरण के आधार पर जिला समाज कल्याण अधिकारी, उदयपुर गिरीश भटनागर से सम्पर्क किया गया। अधीक्षक नारी निकेतन मनमीत कौर ने उदयपुर समाज कल्याण अधिकारी भटनागर के सहयोग से वार्ड पंच ओबरा कलां किशनलाल मेघवाल से सम्पर्क किया। थानाधिकारी गोगुन्दा को वेरिफिकेशन के लिए व्हाट्सअप पर पत्र भेजकर निवेदन किया गया।
आवासनी गीता के परिवारजनों के आवश्यक दस्तावेज, जॉब कार्ड मय चित्र, ग्राम पंचायत ओबराकलां एवं थानाधिकारी गोगुन्दा के वेरिफि केशन आदि आवश्यक दस्तावेजों को राजेश मेवाड़ा उपखण्ड मजिस्ट्रेट, देसूरी को व्हाट्सअप कर प्रेषित किए गए। उन्होंने अपने आदेश पत्र मेल और व्हाट्सअप कर गीता को उसकी माता मोवनी बाई, पिता हवाराम गमेती निवासी ओबराखुर्द, गोगुन्दा को सुपुर्द करने का आदेश प्रदान किया। आखिरकार बुधवार को गीता को लेने के लिए उसकी मां मोवनी बाई, पिता हवाराम गमेती एवं वार्ड पंच किशनलाल मेघवाल वार्ड संख्या 6 ओबराकला गोगुन्दा
उदयपुर से मंडोर स्थित नारी निकेतन पहुंचे। नारी निकेतन अधीक्षक गीता को जैसे ही माता-पिता के समक्ष लेकर पहुंची तो वह मां बाप से लिपटकर फूट फूट कर रोने लगी। परिवारजनों के साथ अधीक्षक एवं समाज कल्याण अधिकारी भी मां बांप से बिछड़ी गीता के मिलाप को देखकर भावविह्वल हो उठे। गीता को परिजनों के साथ विदा किया गया।
रंग लाने लगी पत्रिका की मुहिम
राजस्थान पत्रिका में 14 नवम्बर को परिवार से बिछड़े मानसिक विमंदतों को स्वस्थ होने के बाद उनके परिजनों से मिलाने में कानूनी पेचदगियों और अड़चनों को दूर करने को लेकर प्रमुखता से प्रकाशित समाचारों के बाद जागे समाज कल्याण विभाग के अधिकारी अब लावारिस हालात में मिली बिछड़ी महिलाओं को परिवार से मिलाने में जुट गए है। इसी माह 23 नवम्बर को उत्तरप्रदेश के बरेली बारादरी थाना क्षेत्र की गीता को उसके परिजनों को बरेली जाकर सौंपा गया। इसी कड़ी में दूसरी गीता को बुधवार को उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
Updated on:
30 Nov 2017 12:39 pm
Published on:
30 Nov 2017 09:50 am
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