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#FoodTrends : वेज और नॉन वेज नहीं अब ‘वीगन’ का ट्रेंड…घर, रेस्टोरेंट और कुकिंग क्लासेस तक पहुंचा

लेकसिटी भी लोग वीगन ट्रेंड अपना रहे, प्लांट बेस्ड फूड्स को कर रहे डाइट में शामिल, शहर के रेस्टोरेंट में भी मिल रहा और कुकिंग क्लासेस में भी सिखा रहे

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बदलते दौर के साथ ही अब खाने-पीने की आदतों में भी तेजी से बदलाव आ रहे हैं। आजकल लोग केवल वेजिटेरियन या नॉन वेजिटेरियन नहीं रह गए हैं बल्कि अब वे वीगन होते जा रहे हैं। वीगन होने का ट्रेंड विदेशों से भारत में आ चुका है और वीगन फूड लेने के साथ लोग अब पूरी तरह वीगन डाइट ले रहे हैं और वीगनिज्म को फॉलो कर रहे हैं। उदयपुर में भी अब लोगों ने वीगन ट्रेंड को फॉलो करना शुरू कर दिया है। इसी के साथ कई रेस्टोरेंट्स भी हैं जो अब वीगन फूड भी परोस रहे हैं। कई कुकिंग क्लासेस भी चलाई जा रही हैं।

भारत में 50 लाख से ऊपर पहुंची वीगन की संख्या

वीगन डाइट के जानकारों के अनुसार, वीगन एक ऐसी डाइट है जिसमें लोग मांसाहारी खाने के साथ दूध से बने उत्पाद का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। इस डाइट में सिर्फ प्लांट बेस्ड यानी शाकाहारी सब्जियां ही खाई जाती हैं। जो लोग इस तरह की डाइट को फॉलो करते हैं उन्हें वीगन कहा जाता है। कुछ लोग पर्यावरण की रक्षा के लिए, तो कुछ जानवरों के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए वीगन डाइट लेते हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, भारत में दुनिया की सबसे ज्यादा शाकाहारी आबादी रहती है। 2020 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत में 40 करोड़ से ज्यादा, यानी 30 प्रतिशत लोग शाकाहारी हैं। इसमें भी वीगन की संख्या भी 50 लाख के ऊपर पहुंच चुकी है। भारत दुनिया में प्रति व्यक्ति मांस की खपत में आखिरी पायदान पर है।

उदयपुर में भी वीगन ट्रेंड किया जा रहा फॉलो

फार्मासिस्ट चेतन पडालिया ने बताया कि वे पिछल 6 साल से वीगन डाइट फॉलो कर रहे हैं। उनके मुताबिक, वीगन फूड तो भारतीय वैसे ही खाते हैं। यानी शाकाहारी लोग सबसे ज्यादा भारत में ही हैं। बस, कई लोग दूध व पशुओं से मिलने वाले उत्पादों को शाकाहार में गिनते हैं जबकि वीगन फूड में दूध व पशुओं से प्राप्त उत्पाद नहीं होते हैं। अब उदयपुर में भी कई लोग वीगन ट्रेंड फॉलो कर रहे हैं और कई रेस्टोरेंट्स वीगन फूड की सुविधा देते हैं। वहीं, योग प्रशिक्षक चिंतन मट्टा ने बताया कि वीगन किसी तरह का ट्रेंड नहीं है, ये पशुओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए एक प्रयास है। वे पहले शाकाहारी थीं, लेकिन पशुओं के प्रति काफी संवेदनशील हैं। इसलिए वीगन बन गई। अब लगभग 7 साल हो गए हैं। वे वीगन ग्रुप से भी जुड़ी हैं।

फ्रूट्स : बेरीज़, स्ट्राॅबैरी, संतरे, अंगूर, सेब, केला, कीवी और मेलन खा सकते हैं।

सब्जियां : हरी सब्जियां, पालक, गोभी, मटर, खीरा, शिमला मिर्च, जुकीनी, टमाटर, शकरकंद, आलू, गाजर, प्याज आदि खा सकते हैं।

दूध : सोया मिल्क, आलमंड मिल्क , कोकोनट मिल्क शामिल कर सकते हैं