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Ganesh Chaturthi 2022 :  दो साल बाद गणेशोत्सव की मचेगी धूम, 10 दिन तक घर-घर में होगा पूजन

Ganesh Chaturthi 2022 भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी 31 अगस्त को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार गणेशजी का जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मध्याह्न काल में, सोमवार, स्वाति नक्षत्र एवं सिंह लग्न में हुआ था, इसलिए यह चतुर्थी मुख्य गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी कहलाती है। यह कलंक चतुर्थी के नाम से भी प्रसिद्ध है।  

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मिट्टी की प्रतिमाओं की बढ़ी मांग, आई जागरूकता

कोरोना के लगभग दो साल बाद इस साल गणेश चतुर्थी को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। शहर के गणेश मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। वहीं, लोग अपने अपने घरों में भी प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की मूर्तियों की स्थापना कर पूजा अर्चना करेंगे। शास्त्री सर्कल पर प्रतिमा बनाने वाली कलाकार कोमल प्रजापत ने बताया कि उन्होंने इस बार केवल मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं ही बनाई हैं। इस बार लोग केवल मिट्टी की प्रतिमा ही मांग रहे हैं। इसके प्रति जागरूकता आई है। यही कारण है कि पंडालों में भी अब मिट्टी की प्रतिमा ही लगाई जाने लगी हैं। ऑर्डर पर वे पंडालों के लिए भी प्रतिमा बना रहे हैं। सामान्य प्रतिमाएं दो-ढाई फीट और बड़ी प्रतिमाएं 7 से 8 फीट की हैं। इधर, बंग भवन में मूर्ति बनाने वाले कलाकार शंकर ने बताया कि वे यहां मिट्टी की प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं। अब तक 2 से 10 फीट तक अलग-अलग रूपों में गणपति की प्रतिमाएं बना ली है। इनमें जो रंग कर रहे हैं, वे भी पूरी तरह इको फ्रेंडली है।

गणेश पूजा के लिए मध्यकाल (वृश्चिक लग्न सहित) को श्रेष्ठ माना है।

पूजन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त -

लाभ-अमृत का चौघड़िया - प्रातः 6:20 से प्रातः 9:28 तक

शुभ का चौघड़िया प्रातः - 11:02 से दोपहर 12:36 तक

चर-लाभ का चौघड़िया - दोपहर 3:44 से शाम को 5:52 तक

मध्य काल प्रातः - 10:21 से दोपहर 2:52 तक

वृश्चिक लग्न प्रातः - 11:58 से दोपहर 2:15 तक रहेगा

इन मुहूर्त में गणपति स्थापना करना, पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।


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