भैषाणा पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के सभी राजस्व गांवों में पिछले कई वर्षों से दाह संस्कार बिल्कुल खुले आसमान के नीचे होता है। यहां न तो छत है और ना ही मुर्दे के लिए चारपाई। एक ओर जहां बारिश के समय ग्रामीणों को परेशानी होती है। वहीं, दूसरी ओर श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए ग्रेवल सड़क तक नहीं है। तेज बारिश के कारण जब नदी का पानी अपना विकराल रूप धारण कर लेता है, तब तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इस कारण ग्रामीणों को कई बार बारिश और नदी में पानी के वेग के थमने का इंतजार करना पड़ता है।