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बर्ड विलेज मेनार से लौटे प्रवासी पक्षी, अब उत्तर की ओर बढ़ रही उड़ान !

मेनार (उदयपुर) .बर्ड विलेज नाम से ख्यात रामसर स्थल मेनार के दोनों जलाशय धण्ड और ब्रह्म सागर से प्रवासी पक्षियों का प्रवास समाप्त होकर उनकी वतन वापसी हो चुकी है। सर्दी का मौसम खत्म होते ही मेहमान परिंदे अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। ये प्रवासी पक्षी अपनी रोमांचक यादें छोड़कर जा रहे हैं। इस बार […]

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बर्ड विलेज मेनार से लौटते प्रवासी पक्षी।

मेनार (उदयपुर) .बर्ड विलेज नाम से ख्यात रामसर स्थल मेनार के दोनों जलाशय धण्ड और ब्रह्म सागर से प्रवासी पक्षियों का प्रवास समाप्त होकर उनकी वतन वापसी हो चुकी है। सर्दी का मौसम खत्म होते ही मेहमान परिंदे अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। ये प्रवासी पक्षी अपनी रोमांचक यादें छोड़कर जा रहे हैं। इस बार मेनार से मार्च माह की शुरुआत में ही लगभग सभी प्रवासी पक्षी वापस जा चुके हैं। मेनार सहित आसपास के इलाके में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

तालाबों में अब प्रवासी पक्षी दिखाई नहीं दे रहे, बल्कि स्थानीय पक्षियों की मौजूदगी बढ़ रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी और छोटे जलाशयों में पानी कम होगा, स्थानीय पक्षी बड़े जलाशयों की ओर रुख करेंगे। इससे मेनार के कुछ जलाशयों पर स्थानीय पक्षियों की संख्या में इजाफा होगा। सुबह-शाम प्रवासी पक्षियों की अठखेलियों से आबाद दोनों जलाशयों में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। बता दें कि हर वर्ष मेनार पक्षी विहार के जलाशयों पर हजारों प्रवासी परिंदे सर्दियों में पहुंचते हैं।

इस साल भरपूर पानी होने से पक्षियों की अच्छी-खासी संख्या रही, लेकिन पिछले दिनों अचानक बदलते मौसम के कारण अब तालाबों में गिने-चुने स्थानीय पक्षी ही नजर आ रहे हैं। हिमालय के उस पार से आने वाले सैकड़ों पक्षी हर बार सीजन में मेनार के धण्ड और ब्रह्म सागर पर डेरा डालते हैं।

राहगीरों और आसपास की आबादी को सुबह-शाम सैकड़ों पक्षियों का कलरव सुनाई देता है। अब इनके जाने से तालाबों पर वीरानी सा माहौल है। मेनार तालाबों से यह माइग्रेशन पिछले एक सप्ताह के भीतर ही हुआ है। वर्तमान में मेनार तालाब पर ग्रेट क्रेस्टेड ग्रेब, सारस क्रेन, पेंटेड स्टार्क, स्पॉट बिल्ड डक, रेड नेप्ड आईबिस, नॉर्दन शोवलर सहित स्थानीय प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं।

नवंबर से मार्च तक रहता है प्रवास :

परिंदों का आना-जाना वहां की परिस्थिति पर निर्भर करता है। देशभर में जिन इलाकों में गर्मी पहले शुरू हो जाती है, वहां से इनका लौटना जल्दी शुरू हो जाता है। जलाशयों में अब देसी पक्षियों की संख्या अधिक नजर आने लगी है। बर्ड विलेज मेनार में हर साल सर्दियों में ट्रांस-हिमालय के उस पार कई देशों से अनेक प्रजातियों के हजारों पक्षी आते हैं। मेनार एवं आसपास के क्षेत्रों में विदेशी पक्षी हिमालय, चीन, तिब्बत, मंगोलिया, साइबेरिया, कजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचते हैं। सर्दी की हल्की शुरुआत के साथ ही इनका आगमन शुरू हो जाता है। हालांकि कभी कभी ये मार्च के अंतिम और अप्रेल के पहले सप्ताह तक भी देखे गए है।

इनका कहना है :

कुछ दिनों से तापक्रम में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है। बढ़ते ताप ने शीत-आव्रजक पक्षियों की गतिविधियों को उद्दीपन दिया है। क्षेत्र के अनेक तालाबों से पक्षी जा चुके हैं और कई जगह उनकी संख्या काफी कम हो गई है। मेनार भी इससे अछूता नहीं है। यहां के पक्षी भी गत कुछ रात्रियों में विदा ले चुके हैं। अब जाने वाले पक्षी उत्तर की तरफ बढ़ रहे हैं और कुछ दिनों में हिमालय के उस पार निकल जाएंगे ।

डॉ. सतीश शर्मा

वन्यजीव विशेषज्ञ, उदयपुर